नोएडा में तेल कंपनियों का नया दांव, प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री बढ़ाने से उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ
पश्चिम एशिया में तेल संकट के बाद तेल कंपनियाँ प्रीमियम पेट्रोल बेचने का दबाव बना रही हैं, जिससे सामान्य पेट्रोल की कृत्रिम कमी हो रही है। ...और पढ़ें

पश्चिम एशिया में तेल संकट के बाद तेल कंपनियाँ प्रीमियम पेट्रोल बेचने का दबाव बना रही हैं। इमेज एआई
HighLights
तेल कंपनियाँ प्रीमियम पेट्रोल बेचने पर जोर दे रही हैं।
सामान्य पेट्रोल की कृत्रिम कमी से ग्राहक परेशान।
डीजल की मांग बढ़ी, आपूर्ति में 30% कमी।
कुंदन तिवारी, नोएडा। ईरान इजराइल अमेरिका युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में आए तेल संकट के बाद से लगातार तेल कंपनियों पंप मालिकों पर प्रीमियम पेट्रोल बेचने पर दबाव बना रही है। यही कारण है कि पंप मालिक आर्टिफिशयल तरीके से सामान्य पेट्रोल की कमी दिखाकर बिक्री बाधित कर रहे है।
इससे मजबूरन ग्राहकों को प्रीमियम पेट्रोल खरीदना पड़ रहा है। इससे तेल कंपनियां अपने घटते राजस्व को बढ़ाने में जुट गई है, क्योंकि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वाहनों का अधिक से अधिक प्रयोग करने की अपील देशवासियों से कर दी है। इससे वाहनों की कमी से तेल कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा, तेल की खपत तो कम होगी, लेकिन राजस्व कंपनियों का नीचे जा जाएगा।
ऐसे में प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री बढ़ने से प्रत्येक वाहन में कम से कम 500 से 1500 रुपये का अतिरिक्त पेट्रोल पहुंचेगा। इससे तेल कंपनियों का मंहगा पेट्रोल आसानी से बिक रहा है और पंप मालिकों महंगा पेट्रोल बेचने में अधिक कमिशन भी मिलेगा। वैसे सरकारी तेल कंपनियों के 101 पेट्रोल पंप पर सामान्य पेट्रोल प्रतिदिन करीब 11 लाख किलो लीटर बिक रहा है।
बता दें कि प्रीमियम पेट्रोल प्रति लीटर 103.36 रुपये है, सामान्य पेट्रोल की कीमत 94.90 रुपये प्रति लीटर है। दोेनों की प्रति लीटर दर में 8.46 रुपये सीधा अंतर है। वहीं जब से ईरान इजराइल अमेरिका युद्ध से क्रूड का संकट गहराया है, उसके के बाद सरकार के निर्देश पर तेल कंपनियों ने औद्योगिक इकाइयों को सीधे दिया जाना वाले डीजल की कीमतों में मात्र 56 पैसे का अंतर खत्म कर सीधे करीब 25 रुपये बढ़ा दिया है।
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इससे औद्योगिक इकाइयाें ने तेल कंपनियों से सीधे डीजल खरीदने की बजाए पेट्रोल पंप से डीजल की खरीदारी शुरू कर दी है। इससे जिले में 6.5 लाख लीटर बिकने वाला डीजल की खपत बढ़कर आठ लाख लीटर पहुंच गई है। इस कारण तेल कंपनियों ने जिले में तेल की मांग बढ़ने पर आपूर्ति कम कर दी है, तेल कंपनियां पूरा नहीं कर पा रही है। इससे सप्लाई में 30 प्रतिशत का अंतर आ गया है, जिसको लेकर पंप मालिकों व तेल कंपनियों प्रतिनिधियाें के बीच विवाद हो रहा है।
हालांकि तेल कंपनी प्रबंधन का दावा है कि प्रीमियम पेट्रोल बेचने के लिए पंप मालिकों पर कोई दबाव नहीं है, न ही प्रीमियम पेट्रोल लेने के ग्राहकों को बाध्य किया जा रहा है। आजकल जिस प्रकार से वाहन आ रहे है, उसके इंजन के बेहतर रखरखाव के लिए प्रीमियम पेट्रोल उचित है।
इसलिए ग्राहकों को जागरूक किया जा रहा है। वैसे महंगी गाड़ियों से चलने वाले लोग अपने वाहनों में प्रीमियम पेट्रोल ही डलवाते है, क्योंकि उन्हें पता है कि गाड़ी के इंजन का रखरखाव इससे बेहतर रहता है।
गौतमबुद्ध नगर में तेल कंपनियों की स्थिति
| तेल कंपनी | पंप संख्या |
|---|---|
| इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड | 56 |
| भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड | 23 |
| हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड | 22 |
| जीओपीएल | 02 |
| एचएमईएल | 02 |
| नायरा | 04 |
प्रतिदिन शहर में पेट्रोल-डीजल की खपत
| वर्ग | खपत (किलो लीटर) |
|---|---|
| पेट्रोल | 10,83,333 |
| डीजल | 8,00,000 |
प्रतिदिन तेल के दाम बढ़ाने की बात को लेकर इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर हंगामा चल रहा है। इसलिए तेल की खपत तेजी से बढ़ी रही है। मांग पर आपूर्ति सही नहीं होने से 30 प्रतिशत का अंतर आ चुका है, क्योंकि तेल कंपनियां मांग के अनुसार सप्लाई नहीं दे रही है। पंप संचालकों की शिकायत आ रही है कि प्रीमियम पेट्रोल बिकवाने पर कंपनियां जोर दे रही है।
-धर्मवीर चौधरी, महासचिव, उत्तर प्रदेश पेट्राेलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन।
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