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    नोएडा के सरकारी स्कूलों का बुरा हाल: एक कमरे में तीन कक्षाएं, परिसर में कचरा और टपकती छत

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 10:21 AM (IST)

    नोएडा के सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जहां बजट के बावजूद कमरों की कमी, जर्जर शौचालय और छत से पानी टपकने जैसी समस्याएं व्याप्त हैं। ए ...और पढ़ें

    बारिश में छत से टपकता है पानी। जागरण

    बारिश में छत से टपकता है पानी। जागरण

    HighLights

    1. एक कमरे में तीन कक्षाओं का संचालन हो रहा है।

    2. स्कूलों में शौचालय टूटे और परिसर में कचरा फैला है।

    3. छत से पानी टपकता है, जिससे पढ़ाई में बाधा आती है।

    चेतना राठौर, नोएडा। स्कूलों में बच्चों को सुविधाएं देने के दावे धरातल पर हवाई नजर आते हैं। हर साल स्कूल की मरम्मत और सुधार के लिए बजट तो आता है, लेकिन कोई सुधार नहीं होता है। प्रदेश का शो विंडो कहे जाने वाले नोएडा के स्कूलों में बच्चों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही है।

    बुधवार को दैनिक जागरण टीम गढ़ी चौखंडी गांव के प्राथमिक विद्यालय में पहुंची। बहलोलपुर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय की भी पड़ताल की। दोनों जगह अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ था।

    स्कूलों में कहीं कम कमरे तो कहीं शौचालय टूटे हुए मिले। परिसर में डस्टबिन हैं, लेकिन कचरा कैंपस में फैला मिला। एक कमरे में तीन कक्षाओं के छात्र बैठे मिले। इसका कारण स्कूल में कम कमरे होने बताया गया।

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    कई स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण एक कक्ष में 90 से 95 छात्र पढ़ाई करते हैं। जबकि मानक के अनुसार एक कक्ष में 40 छात्रों से अधिक नहीं होने चाहिए। अधिक संख्या होने के कारण छात्रों तक शिक्षक की बताई बात नहीं पहुंचती।

    स्कूल परिसर में ही आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा हैं। वहां बाहर के लोगों का आना जाना लगा रहता है। इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है। बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है।

    एक कक्षा में तीन कक्षाओं का संचालन

    गढ़ी चौखंडी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय तीन कमरों में संचालित किया जा रहा है। स्कूल में 304 छात्र नामांकित हैं। कम कक्ष होने के कारण बच्चों को परिसर में बनी गैलरी में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। एक हाल में तीन कक्षाओं के छात्रों को पढ़ाया जा रहा है।

    इससे बाल वाटिका 1, पहली कक्षा,दूसरी कक्षा के छात्रों को बैठाया जाता है। कक्षाओं में वेंटिलेशन न होने के कारण बच्चे को घबराहट होने लगती है। कक्ष में उमस बन जाती है। वर्षा का पानी कक्षाओं में आता है। स्कूल प्रधानाचार्या शशि मिश्रा ने बताया कि नवीन कक्षाओं के लिए बीएसए को कई बार लेटर लिख चुके हैं। पिछले साल दो कमरे स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन अबतक नहीं मिले हैं।

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    छत से टपक रहा पानी

    गढ़ी चौखंडी प्राथमिक विद्यालय में कमरों की छत पर पानी भरने से कक्षाओं में पानी गिरता है। स्कूल सड़क से नीचा होने के कारण जलभराव होने लगता है। इससे कक्षा में पानी आने से कक्षाओं का संचालन करना मुश्किल हो गया है। टूटे और गंदे शौचालय बदबू मार रहे हैं।

    एक कक्षा में दोगुनी संख्या में पढ़ रहे छात्र

    बहलोलपुर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में 867 छात्र नामांकित हैं। स्कूल में 18 कक्ष हैं। 24 शिक्षक नियुक्त हैं। इसके बाद भी छात्र पढ़ाई से दूर हैं। उमस भरी गर्मी के कारण शिक्षक बाहर और छात्राएं कक्षा में अन्य को पढ़ाती हैं। स्कूल में रोज बिजली गुल होने से छात्रों को कक्षा में पढ़ाना मुश्किल हो गया है। एक कक्षा में 90 से 95 बच्चे पढ़ रहे हैं। एक कक्षा में 140 से अधिक छात्र नामांकित हैं।

    प्रधानाचार्या नीलू खरे ने बताया कि शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ में लगी है। वहीं सफाई कर्मचारी न होने से स्कूल में गंदगी रहती है।

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    छत का उखड़ा प्लास्टर

    कक्षा में छत का प्लास्टर उखड़ रहा है। टूटे और गंदे शौचालय बदबू मार रहे हैं। परिसर में कचरा फैला रहता है। डस्टबिन खाली और कक्षाओं के बाहर कचरा फैला रहता है। चोरी के डर से कंप्यूटर लैब में ताला लगा रखा है। स्कूल में फर्नीचर न होने से छात्रों को जमीन पर बैठकर पढ़ना पड़ता है।

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    स्कूलों का मरम्मत काम कराया जाएगा। सफाई कर्मी न होने से परेशानी है। क्योंकि स्कूलों के लिए सरकार से ही कर्मी नहीं मिला है। - राहुल पंवार, बीएसए, गौतमबुद्ध नगर