बरसों पहले देखे सपने को मोदी-योगी ने किया साकार, जानिए कौन हैं नोएडा एयरपोर्ट के प्रमुख शिल्पकार
प्रधानमंत्री मोदी ने एशिया के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। यह लेख उन प्रमुख हस्तियों को समर्पित है जिन्होंने इस महत ...और पढ़ें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण की यात्रा में उनका योगदान हमेशा रेखांकित किया जाएगा।इसमें राजनेताओं से लेकर जन प्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हैं।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अरविंद मिश्र, ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ एक और उपलब्धि दर्ज हुई है। चार साल के अल्प समय में हरे भरे खेतों से लेकर एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में साकार हुआ है। पिछले एक साल में इसके निर्माण में अवस्मरणीय तेजी आई। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित कर दिया।
नोएडा एयरपोर्ट को केंद्र सरकार से 2017 में सैद्धांतिक सहमति मिली थी, लेकिन 2020 तक नोएडा एयरपोर्ट के जमीन पर खेतों में हरी फसल लहलहा रही थी। 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री मोदी के हाथों शिलान्यास के बाद 2022 में एयरपोर्ट के लिए जमीन खोदाई का काम शुरू हुआ। कोविड और ग्रेप जैसी पाबंदी भी नोएडा एयरपोर्ट की रफ्तार को नहीं रोक पाए।
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आठ हजार से अधिक श्रमिकों ने की दिन-रात मेहनत
स्पेशल प्रोजेक्ट के नाते इसे पाबंदी में छूट दी गई। आठ हजार से अधिक श्रमिकों ने दिन रात की मेहनत की। सरकार की ओर से पहले नियाल सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने एयरपोर्ट के काम को तेजी से पूरा करने में कोर कसर नहीं छोड़ी। सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने नियाल सीईओ के पद पर राकेश कुमार सिंह को नियुक्ति देकर एयरपोर्ट का काम जल्द पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी।
इसके बाद एयरपोर्ट के कार्य की प्रगति में अवस्मरणीय तेजी आई। राकेश कुमार सिंह ने प्रति माह चार से पांच बार एयरपोर्ट साइट का निरीक्षण कर काम को जल्द से जल्द पूरा कराने में दिन रात एक कर दिया। नतीजतन शनिवार को नोएडा एयरपोर्ट राष्ट्र को समर्पित हो गया।
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उनके अलावा एयरपोर्ट में इनका भी अहम योगदान रहा
अटल बिहारी वाजपेयी
नोएडा एयरपोर्ट की परिकल्पना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2003 में की थी। बाद में एयरपोर्ट के निर्माण को जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव शासन को भेजे। केंद्र को निर्माण का प्रस्ताव भेजा, लेकिन केंद्र से सरकार के हटने के बाद स्वीकृति नहीं मिली।
राकेश कुमार सिंह
जून 2025 में राकेश कुमार सिंह ने नोएडा एयरपोर्ट और यमुना प्राधिकरण के सीईओ का पदभार संभाला। उनके नेतृत्व में एयरपोर्ट का बचा कार्य पूरा हुआ। उन्होंने सिक्योरिटी क्लीयरेंस और एयरो ड्रम लाइसेंस मिलने में अहम भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
विकासवादी सोच के साथ केंद्र में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार बनते ही एयरपोर्ट की उम्मीदें फिर से जागृत हुईं। स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा को नागर विमानन मंत्रालय में राज्यमंत्री बनाया। तब फाइलों से धूल हटना शुरू हुई।
संतोष यादव
पूर्व में यीडा के सीईओ और जिले के डीएम रहे संतोष यादव ने एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को रिकार्ड समय में पूरा किया है। उन्होंने दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से नोएडा एयरपोर्ट तक लिंक एक्सप्रेसवे का बहुत कम समय में निर्माण कराया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार आने के बाद नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण की सैद्धांतिक सहमति मिली। योगी आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट को मंजूरी मिलने से लेकर उद्घाटन तक निगरानी में गंभीरता दिखाई।
विधायक धीरेंद्र सिंह
नया जमीन अधिग्रहण कानून लागू होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की चुनौती को भूमि के स्वामियों से सहमति दिलाकर हल किया। उनके विश्वास पर किसानों को आगे आकर सहमति दी।
सांसद डॉ. महेश शर्मा
डॉ. महेश शर्मा की नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण के लिए केंद्र में राज्यमंत्री का पद संभालते ही गंभीरता से प्रयास किए। प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही यह प्रयास फलीभूत हुए। संसदीय क्षेत्र की महत्वकांक्षी परियोजना धरातल पर आकार लिया।
शैलेंद्र भाटिया
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के नोडल अफसर शैलेंद्र भाटिया ने एयरपोर्ट से जुड़ेराज्य व केंद्र के बीच पत्राचार से फाइलों के साथ लखनऊ व दिल्ली भागदौड़ की। एयरपोर्ट की जमीन चिह्नित होने से उद्घाटन कार्यक्रम तक के गवाह हैं।
डॉ. अरुणवीर सिंह
डॉ. अरुणवीर सिंह ने सीईओ रहते सामाजिक समाघात निर्धारण सर्वे से किसानों की सहमति, एयरपोर्ट के लिए व्यावहारिकता रिपोर्ट,विकासकर्ता के चयन के लिए निविदा से पीएम के हाथों शिलान्यास कराया।
बीएन सिंह
डीएम रहते बीएन सिंह ने एयरपोर्ट की जमीन अधिग्रहण को किसानों के बीच जाकर सहमति ली। किसानों को भरोसा दिया कि जिन दिन एयरपोर्ट बन जाएगा, जेवर की किस्मत खुल जाएगी। मुआवजे से ग्रामीणों के पुनर्वास पर काम किया।