Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    नोएडा में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों पर बवाल, 40 हजार उपभोक्ताओं ने PVVNL पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 08:02 PM (IST)

    नोएडा में 40 हजार उपभोक्ता पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) पर स्मार्ट प्रीपेड मीटरों में धोखाधड़ी का आरोप लगा रहे हैं। इन मीटरों में रिच ...और पढ़ें

    बिजली के प्रीपेड मीटर दे रहे दर्द।

    बिजली के प्रीपेड मीटर दे रहे दर्द।

    HighLights

    1. 40 हजार उपभोक्ता PVVNL पर धोखाधड़ी का आरोप लगा रहे।

    2. रिचार्ज के बाद भी बिजली न आने से उपभोक्ता परेशान।

    3. निगम ने नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाई।

    प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगना अब जिले में बंद हो गए हैं। लेकिन, 40 हजार उपभोक्ता पीवीवीएनएल (पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) पर धोखाधड़ी का आरोप लगा रहे हैं। ये वे उपभोक्ता हैं जिनके यहां पीवीवीएनएल की ओर से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। परेशानी झेलने के बाद यह लोग मीटर को पोस्टपेड में बदलने की मांग कर रहे हैं।

    स्मार्ट प्रीपेड मीटर की लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद पोस्टपेड मीटर को हटाने पर रोक लगा दी है। लेकिन, यह रोक जिले में 40 हजार उपभोक्ताओं को हुई परेशानी के बाद लगी। सभी के घर पुराना पोस्टपेड मीटर हटाकर नया स्मार्ट मीटर लगाया गया। यह आधुनिक तकनीक के साथ नया मीटर बताया।

    पोस्टपेड मीटर की मांग तेज

    स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली कटौती और रिचार्ज के बाद भी बिजली नहीं आने की परेशानी झेल चुके उपभोक्ताओं ने अब सीधे तौर पर विद्युत निगम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। जिले में नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगेंगे। लेकिन, जिनके घरों में प्रीपेड मीटर लग चुके हैं वे बुरी तरह से फंस गए हैं।

    निगम को पत्र और शिकायत देकर प्रीपेड मीटर हटाने या इसको पोस्टपेड में बदलने की मांग कर रहे हैं। बदले गए प्रीपेड मीटरों पर आगे की कार्रवाई और कार्ययोजना को लेकर निगम ने चुप्पी साधी हुई है। ऐसे में प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ता खुद का ठगा हुआ मससूस कर रहे हैं।

    खबरें और भी

    उपभोक्ताओं का कहना है कि निगम की आधी अधूरी तैयारी और कार्ययोजना के साथ लगाए प्रीपेड मीटर मुसीबत बन चुके हैं। मीटर का साफ्टवेयर ठीक से कार्य नहीं करता है। रिचार्ज करने के बाद भी बिजली बहाल नहीं होने की परेशानी से लोग बुरी तरह से जूझ रहे हैं।

    यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर लगवाने से लोगों का साफ इनकार, टीम को झेलना पड़ा भारी विरोध; लौटी वापस

    यह भी पढ़ें- 'मेरा मीटर पहले की तरह पोस्टपेड करा दीजिए, बिना पूछे प्री-पेड क्यों किया?' UP के उपभोक्ताओं के 16 सवाल और उनका जवाब



    परेशानी प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर से नहीं परेशानी उसके साफ्टवेयर से है। यह किस तरह कार्य करता है इसके बारे में खुद बिजली निगम को जानकारी नहीं है। निगम से तकनीकी सहायता कब तक मिलेगी इसकी भी स्थिति साफ नहीं होती है। व्यवस्थाएं ठीक करने के बाद नई व्यवस्था लागू करेंं।


    -

    सत्येंद्र पाराशर, संयुक्त सचिव, सेक्टर-34 हिमगिरी

    यह स्मार्ट मीटर के नाम पर धोखाधडी है। पोस्टपेड बताकर लगाए मीटर को बिना सूचना के कुछ दिनों में प्रीपेड कर दिया। घर में आठ से 10 घंटे क बिजली नहीं रही। रिचार्ज करने के बाद भी बिजली नहीं मिल सकी। निगम अब तक भरोसा नहीं दे सका है कि दोबारा ऐसी गड़बडी नहीं होगी।


    -

    दिवाकर शर्मा, सेक्टर-34 हिमगिरी

    स्मार्ट मीटरों का साफ्टवेयर खराब है। हर दूसरे दिन 15 से 16 घंटे के लिए सर्वर बन जाता है जिसकी वजह से पेमेंट करने के बाद भी लोगों की बिजली नहीं आती है। लाइन कटने से पहले कोई अलर्ट नहीं आता। जबकि, दूसरे स्मार्ट मीटरों में जब बैलेंस बहुत कम रह जाता है तो लगातार अलर्ट आता है।


    -

    डॉ. एसके सिंघल, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष हिमगिरी सेक्टर-34

    जिनके यहां बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग गए हैं उनके बारे में आगे अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। नए मीटर नहीं लगाए जा रहे हैं। जो भी निर्देश मिलेंगे उसके मुताबिक आगे कार्य किया जाएगा। स्मार्ट मीटर की दिक्कतों को कैंप लगाकर दूर किया जा रहा है।


    -

    एसके जैन, मुख्य अभियंता, गौतमबुद्ध नगर