नोएडा स्टेडियम को PPP मॉडल पर देने का विरोध, खिलाड़ियों और अभिभावकों ने किया प्रदर्शन
युवा खिलाड़ियों ने नोएडा स्टेडियम को पीपीपी मॉडल पर निजी कंपनी को दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों और अभिभावकों ने अभ्यास स्थल खोने और ...और पढ़ें

सेक्टर 21 ए नोएडा स्टेडियम के गेट पर प्रदर्शन करते खिलाड़ी और कोच। सौ- कोच
HighLights
युवा खिलाड़ियों ने नोएडा स्टेडियम के निजीकरण का विरोध किया।
खिलाड़ियों को अभ्यास स्थल खोने और फीस बढ़ने का डर।
प्राधिकरण ने अभी तक कोई टेंडर जारी नहीं होने की बात कही।
जागरण संवाददाता, नोएडा। सेक्टर 21ए स्थित नोएडा स्टेडियम को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) माडल पर एक कंपनी को दिए जाने के विरोध में मंगलवार शाम युवा खिलाड़ियों ने बैनर पोस्टर लेकर जमकर प्रदर्शन किया।
खिलाड़ियों ने शाम को अपने अभ्यास के बाद गेट नंबर 4 पर इकठ्ठा होकर अचानक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में खिलाड़ियों के अभिभावकों ने भी प्राधिकरण की कार्रवाई का विरोध किया।
स्टेडियम के गेट पर फुटबाल और बैडमिंटन समेत अन्य खेलों के खिलाड़ियों का कहना था कि प्राधिकरण द्वारा प्राइवेट कंपनी को स्टेडियम की जिम्म्मेदारी देने के बाद उन्हें अभ्यास के लिए कोई जगह नहीं मिल पाएगी।
रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल की प्रक्रिया तेज
अधिकारी स्टेडियम को जल्द से जल्द प्राइवेट कंपनी को देने के लिए रिक्वेस्ट फ़ार प्रपोजल की प्रक्रिया शुरू करने की बात कह रहे हैं। इससे तमाम खेलों के खिलाड़ियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
स्टेडियम में संचालित बैडमिंटन, स्केटिंग, फुटबाल, कराटे जैसी अन्य एकेडमी बंद होने से तमाम खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं मिलेगा, जिसका दुष्प्रभाव जनपद के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की प्रतिभा पर देखने को मिलेगा।
विरोध प्रदर्शन के बीच खिलाड़ियों ने अधिकारियों की कार्रवाई पर जमकर नाराजगी जाहिर की। अभिभावकों ने भी इस कार्रवाई को ''खेलो इंडिया'' अभियान के खिलाफ बताया।
जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारी और कोच आनंद खरे का कहना है कि स्टेडियम के अंदर कई युवा खिलाड़ियों ने कड़ा अभ्यास करके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है।
खिलाड़ियों को नहीं मिलेगा प्रतिभा निखारने का मौका
प्राइवेट कंपनी को स्टेडियम की जिम्मेदारी मिलने के बाद खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका नहीं मिल पाएगा। वहीं, स्टेडियम के लिए जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सुरेंद्रनगर भी प्राधिकरण को पत्र लिख चुके हैं।
इसमें उन्होंने प्राइवेट कंपनी को जिम्मेदारी देने पर संबंधित का एकाधिकार होने और खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं का शुल्क बढ़ने पर गंभीर समस्या होने बात कही है।
बता दें कि नोएडा स्टेडियम करीब 120 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें क्रिकेट, तीरंदाजी, निशानेबाजी, स्केटिंग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, लान- टेनिस समेत अन्य खेल सुविधाएं और धार्मिक एवं सांस्कृतिक के अलावा इंडोर स्टेडयम में राजनैतिक कार्यक्रम का आयोजन भी होता है।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह का कहना है कि नोएडा स्टेडियम को प्राइवेट कंपनी को देने के लिए कोई टेंडर नहीं जारी किया गया है।