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    नोएडा हिंसा में 'विदेशी फंडिंग' का शक, नेपाल के रास्ते पाकिस्तान कनेक्शन की जांच; थाने फूंकने की थी साजिश

    Updated: Wed, 22 Apr 2026 01:58 AM (IST)

    नोएडा हिंसा की जांच में नेपाल के रास्ते बाहरी देशों से फंडिंग की आशंका सामने आई है। पुलिस थानों को घेरने और औद्योगिक उत्पादन ठप करने की साजिश की भी जा ...और पढ़ें

    नोएडा हिंसा को लेकर विदेशी फंडिंग की बात सामने आ रही। फोटो: आर्काइव

    नोएडा हिंसा को लेकर विदेशी फंडिंग की बात सामने आ रही। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. नेपाल के रास्ते विदेशी फंडिंग की आशंका सामने आई

    2. औद्योगिक उत्पादन ठप करने की थी बड़ी योजना

    3. पुलिस थानों को घेरने और जलाने की भी साजिश

    मुनीश शर्मा, नोएडा। वेतन वृद्धि को लेकर 13 अप्रैल को नोएडा में हुई हिंसा भड़काने के लिए बाहरी देशों से नेपाल के रास्ते फंडिंग होने की आशंका जताई जा रही है। नोएडा पुलिस की जांच में सामने आया है कि मजदूर बिगुल दस्ता से जुड़ा गिरफ्तार सत्यम वर्मा नेपाल आया और गया था।

    वह नेपाल कितनी बार और क्यों गया था? वहां के रास्ते कहीं पाकिस्तान से इसका कोई कनेक्शन तो नहीं है? पुलिस इस दिशा में जांच कर रही। उसने 13 अप्रैल की सुबह करीब 11 बजे हिंसा के दौरान मीडिया हाउस में संपर्क किया था।

    पुलिस का दावा है कि नकारात्मक खबरों को दिखाने के लिए कहा गया था। जांच में यह भी पता चला है कि उग्रता करने वालों का मकसद नोएडा में थानों का घेराव और फूंकने की साजिश थी।

    छह लोगों को रिमांड पर लिया गया

    लंबे समय तक अराजकता फैलाकर औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन ठप करना था। यहां से इकाइयों का पलायन हो। उधर, पुलिस ने मंगलवार को न्यायालय से आदित्य आनंद समेत छह लोगों का रिमांड मांगा।

    नोएडा पुलिस रूपेश को पांच दिन की रिमांड पर लेकर जानकारी जुटा रही है। घटनास्थल के अलावा मोबाइल चैट, उसके घर से मिले दस्तावेज आदि के बारे में जानकारी कर रही है।

    रूपेश से ग्रुप पर डाले गए ऑडियो की पहचान कराई जा रही है। उधर, पुलिस की ओर से आदित्य आनंद, मनीषा, सृष्टि, आकृति, हिमांशु और सत्यम को रिमांड पर लेने के लिए आवेदन किया हुआ है।

    अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि मंगलवार को न्यायालय ने रूपेश की ----तीन दिन -----की रिमांड दी है। अब उससे हिंसा के बारे में पूछताछ की जाएगी। उसके कमरे से मिले इलेक्ट्रानिक साक्ष्य व दस्तावेज के बारे में भी जानकारी कर साक्ष्य जुटाए जाएंगे।

    खबरें और भी

    देशभर के आंदोलन और प्रदर्शन में सहभागिता व सहयोग

    नोएडा पुलिस की जांच में सामने आया है कि आदित्य आनंद नोएडा से लेकर गुरुग्राम-मानेसर, मैकडोनाल्ड का बायकाॅट, विजयवाड़ा में बस डिपो के खिलाफ हड़ताल, हरियाणा में खनन माफिया के खिलाफ भूख हड़ताल को सपोर्ट कर रहा था।

    इसके साथ ही इजरायल में मिलिट्री सहयोग का विरोध और संबंध तोड़ने पर जोर देना, सिंगरौली अदानी पावर प्लांट, बक्सर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, एलपीजी सिलिंडर किल्लत, अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन आदि को डायरेक्ट व इनडायरेक्ट सपोर्ट कर रहा था। नोएडा पुलिस जांच कर रही है।

    यह सवाल पैदा कर रहे संदेश

    • करीब 800-800 लोगों के बनाए ग्रुप के लिए इतने कम समय में डाेटा कहां से मिला। यह खरीदा तो नहीं गया?
    • श्रमिकों के सैलरी बढ़ने पर 10 व 11 अप्रैल को मान जाने पर, रूपेश और आदित्य ने मेट्रो के नीचे श्रमिकों को क्यों उकसाया?
    • सेक्टर 63 में विपुल मोटर्स के समीप केमिकल फैक्ट्री के पास ज्वलनशील पदार्थ लेकर गैर श्रमिक क्यों पहुंचे? यह रेकी को बताता है।
    • कुलेशरा पुल और एक्सप्रेसवे जाम करने, फैक्ट्री से बाहर आकर हंगामा करने, आग लगाने के ऑडियो क्यों डाले गए?

    इनके तलाशे जा रहे जवाब

    • हिंसा की रणनीति कैसे, कब, किसने बनवाई?
    • बरामद मोबाइल, गैजेट्स, लैपटाप आदि से तथ्य जुटाने का प्रयास।
    • गैर श्रमिकों के काॅल डिटेल, चैट, वीडियो फुटेज।
    • गिरफ्तार किए श्रमिकों के मोबाइल आदि की जांच।

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