सपनों के फ्लैट का 14 साल से था इंतजार, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 2010-12 की गई बुकिंग कैंसिल कर रहे बिल्डर
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिल्डर 2010-12 की फ्लैट बुकिंग रद्द कर रहे हैं, जिससे हजारों खरीदार प्रभावित हो रहे हैं। बाजार भाव बढ़ने के कारण बिल्डर पुरा ...और पढ़ें

नहीं पूरा होगा अपने फ्लैट का सपना, बुकिंग कैंसल कर रहे बिल्डर। फोटो: आर्काइव
HighLights
बिल्डर 2010-12 की पुरानी फ्लैट बुकिंग रद्द कर रहे
बाजार भाव बढ़ने के कारण बिल्डर पुराने रेट पर नहीं दे रहे
हजारों खरीदारों की जमा पूंजी का 25% काटा जा रहा
धर्मेंद्र चंदेल, जागरण, नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 14 साल पहले बुक किए गए फ्लैट अब खरीदारों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। आरोप है कि 2010-12 में बुकिंग कराने वाले खरीदारों को पुराने रेट पर फ्लैट देना बिल्डरों को अब घाटे का सौदा लग रहा है।
बाजार में कीमतें तीन से चार गुना बढ़ने के बाद बिल्डरों पर पुरानी बुकिंग रद करने के आरोप लग रहे हैं। इतना ही नहीं, खरीदारों की जमा कुल पूंजी में से 25 प्रतिशत धनराशि भी काटी जा रही है।
14 साल इंतजार, अब बुकिंग रद करने का आरोप
बिल्डरों की इस मनमानी पर न प्राधिकरणों की लगाम है और न ही रेरा कोई कदम उठा पा रहा है। बिल्डर अमिताभकांत रिपोर्ट की सिफारिश पर जीरो पीरियड का लाभ उठाकर ब्याज पर छूट भी पा चुके हैं।
ज्यादातर खरीदारों ने कर्ज लेकर या अपनी सेविंग तोड़कर फ्लैटों की बुकिंग की थी। कई-कई किस्त जमा कर दी गईं। कुछ खरीदार तो 80 प्रतिशत तक धनराशि का भुगतान कर चुके हैं।
निर्माण नहीं हुआ तो खरीदारों ने रोक दिया बकाया
लंबे समय तक बिल्डरों ने कोई न कोई बहाना बनाकर फ्लैटों का निर्माण नहीं किया। फ्लैटों का निर्माण नहीं हुआ तो खरीदारों ने बकाया राशि रोक ली। स
रकार ने खरीदारों को उनका घर दिलाने के लिए अमिताभकांत रिपोर्ट लागू की तो बिल्डरों ने ब्याज माफ कराकर बड़ा लाभ ले लिया। आरोप है कि लाभ लेने के बाद अब पुरानी बुकिंग रद करना शुरू कर दी गई है।
कैसे हो रहा है खेल?
2010 से 15 के बीच बुकिंग कराने वाले खरीदारों को बकाया भुगतान पर 18 से 24 प्रतिशत सालाना ब्याज के नोटिस भेजे गए। न देने पर बुकिंग रद करने की धमकी दी। ज्यादातर खरीदारों ने कर्ज लेकर या सेविंग तोड़कर ब्याज चुकाया।
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जिन्होंने यह कहकर ब्याज नहीं चुकाया कि आपने भी समय पर फ्लैटों का कब्जा नहीं दिया है, ऐसे खरीदारों को ई-मेल से नोटिस भेजकर कहा जा रहा है कि तकनीकी कारणों से प्रोजेक्ट प्लान बदला गया है। आपकी बुकिंग रद कर दी गई है।
12 से 15 हजार खरीदारों की बुकिंग रद होने का अनुमान
करीब 12 हजार से 15 हजार बुकिंग रद होने का अनुमान है। टू बीएचके के जिन फ्लैटों की कीमत पहले 2012 में 32-38 लाख थी, अब एक से सवा करोड़ में बिक रहे हैं।
क्या कहता है कानून?
एडवोकेट रामशरण नागर का कहना है कि एकतरफा बुकिंग रद करना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। बिल्डर ऐसा नहीं कर सकते। कोर्ट की शरण ली जा सकती है।
खरीदार धारा 18 के तहत फ्लैट पर कब्जा लेने के लिए दावा और प्रोजेक्ट पूरा न होने पर ब्याज सहित रिफंड मांग सकते हैं। एक मामले में कोर्ट ने कहा था कि सिर्फ मार्केट रेट बढ़ने के आधार पर बुकिंग रद नहीं की जा सकती।
केस स्टडी: 75 लाख जमा, फिर भी फ्लैट देने से इन
दिल्ली के मयूर बिहार फेस वन की शीतल और उनके एक अन्य स्वजन ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर एक स्थित कैपिटल एथेना बिल्डर के यहां 2014 में दो फ्लैट बुक कराए थे। 75 लाख रुपये जमा कर दिए। 2017 से 2023 तक प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रहा। इस वजह से बकाया धनराशि जमा नहीं की।
बिल्डर ने अब निर्माण पूरा किया है, पर फ्लैट देने से इन्कार कर दिया है। अब नए रेट पर बिल्डर फ्लैट बेच रहा है। कैपिटल एथेना के चेयरमैन नवीन राणा ने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। यदि है, तो वह जांच कराएंगे।