ग्रेटर नोएडा में शाहबेरी हादसे की बरसी पर भी नहीं जागा प्रशासन, लोहे की शटरिंग के सहारे टिकी इमारतों में रह रहे लोग
शाहबेरी गांव के लोग आज भी 2018 की उस रात को याद कर सिहर उठते हैं जब दो अवैध इमारतें गिरने से नौ लोगों की जान चली गई थी। आठ साल बाद भी, ग्रेटर नोएडा वे ...और पढ़ें

गौर सिटी सोसायटी के पास शाहेबेरी गांव में खड़ी जर्जर इमारत । जागरण
HighLights
2018 में शाहबेरी में दो अवैध इमारतें गिरीं, नौ मौतें
गौर सिटी के पास दो जर्जर इमारतें अब भी खड़ी हैं
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को ध्वस्तीकरण के लिए बल की आवश्यकता
अजब सिंह भाटी, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी गांव के ग्रामीण आज भी 17 जुलाई 2018 की काली रात के मंजर को याद कर सिहर उठते हैं। आठ साल पहले 17 जुलाई की रात को दो अवैध इमारत गिर जाने से नौ जिंदगियां दम तोड़ गई थी।
दोनों इमारतों के ढहने के बाद प्राधिकरण ने अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। इसी कड़ी में गौर सिटी 10 एवेन्यू के पास दो कमर्शियल इमारतों को भी गिराने का काम शुरू हुआ था, लेकिन स्थानीय विरोध के चलते ध्वस्तीकरण अधूरा छोड़ दिया गया।
नतीजतन दोनों इमारतें एक तरफ झुक गईं और तब से इसी हालत में खड़ी हैं। जैग व लोहे की शटरिंग के सहारे खड़ी इन इमारतों में गरीब तबके के लोगों ने अपना ठिकाना बनाया हुआ है। दोनों जर्जर इमारतों के सामने फुटपाथ पर भी लोगों ने अपनी दुकान सजा ली है। जान-माल का खतरा हर समय बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट गौर सिटी 10 एवेन्यू सोसायटी के सामने जर्जर इमारत एवं उसमें रह रहे लोग। जागरण
नौ जिंदगियों पर कहर बनकर टूटी थी 17 जुलाई की रात
हादसे में कुछ माह की एक बच्ची समेत नौ लोगों की सांस मलबे के ढेर में दबकर थम गई थी। शाहबेरी के इस हादसे ने प्राधिकरण की उस लापरवाही से पर्दा उठा दिया था जिस पर प्राधिकरण और प्रशासन के अधिकारी रकम के लालच में चादर डाले हुए थे।
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दो इमारतों के धराशायी होने के बाद ग्रेटर नोएडा से लेकर लखनऊ से हड़कंप मच गया था। हादसे की मुख्यमंत्री ने कमिश्नर से व जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि हाई कोर्ट ने शाहबेरी की जिस जमीन का अधिग्रहण रद किया था
उस पर बिल्डरों ने सैकड़ों अवैध बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर दीं। इमारतों के निर्माण में गुणवत्ता व मानकों की घोर अनदेखी की गई थी। भोले भाले लोगों को कम कीमत में सिर पर छत का लालच देकर चांदी काटी गई।
अवैध इमारतों को धराशायी करने में प्राधिकरण नाकाम
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की जांच में शाहबेरी में 450 बहुमंजिला इमारतें, 1043 व्यक्तिगत इमारतें व कई दुकानें अवैध मिली थीं। प्राधिकरण ने कई इमारतों की फौरी तौर पर जांच कर उन्हें खतरनाक बताते हुए उन्हें सील भी कर दिया था।
अवैध व खतरनाक इमारतों को प्राधिकरण ध्वस्त करना तो दूर निर्माण कार्य तक नहीं रोक पाया। आकार ले चुकी इन इमारतों में कई हजार लोग निवास कर रहे हैं।
महाप्रबंधक ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण एके सिंह ने बताया कि जर्जर इमारत गिराने के लिए फोर्स की जरूरत है। इसकों लेकर पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है। फोर्स मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
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