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    नोएडा में नियमों को ताक पर रखकर प्राइवेट बसें भर रहीं फर्राटा, यात्रियों की सुरक्षा खतरे में

    Updated: Tue, 19 May 2026 02:00 AM (GMT+05:30)

    नोएडा और ग्रेटर नोएडा से चलने वाली निजी बसें यमुना एक्सप्रेसवे पर नियमों का उल्लंघन कर रही हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में है। दैनिक जागरण ने इस ...और पढ़ें

    निजी बस संचालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए फर्राटा भरते रहते हैं।

    निजी बस संचालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए फर्राटा भरते रहते हैं।

    HighLights

    1. यमुना एक्सप्रेसवे पर निजी बसें नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।

    2. क्षमता से अधिक सवारियां और छत पर सामान लादकर चलती हैं।

    3. दैनिक जागरण ने सुरक्षा अभियान शुरू किया है, कार्रवाई की मांग।

    आशीष चौरसिया, ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा से रोजाना सैकड़ों प्राइवेट बसें नियमों को अनदेखी कर यमुना एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरकर हजारों यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। पूर्व में हुई कई हादसों के बाद भी जिम्मेदार कुछ दिन कागजों पर खानापूरी कर शांत बैठ जाते हैं और निजी बस संचालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए फर्राटा भरते रहते हैं। दैनिक जागरण इस समस्या को लेकर अभियान चलाएगा, जिससे की जिम्मेदार चेतें और समस्या हल कराएं।

    बता दें कि यमुना एक्सप्रेसवे से रोजाना सैकड़ों बसें आगरा, मथुरा, अलीगढ़, इटावा, कन्नौज, फर्रूखाबाद, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर, लखनऊ, बिहार के अलावा अन्य जिलों और राज्यों के जाती हैं। इनमें अधिकतर बसें क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने के साथ ही छत पर सामान लादकर चलती हैं।

    बस में सवार यात्रियों की जिंदगी खतरे में

    यह अक्सर रात के समय में तेज रफ्तार से चलती हैं। इसके चलते कई बार यह बसें अचानक अनियंत्रित हो जाती हैं और छत पर माल लदे होने के कारण कंट्रोल में नहीं आ पाती हैं और हादसे का शिकार हो जाती हैं। इस दौरान बस में सवार यात्रियों की जिंदगी खतरे में आ जाती है।

    पूर्व में हुए हादसों में घायल हुए कई यात्रियों की मौतें भी हो चुकी हैं। इस तरह की जब घटनाएं होती हैं, तो जिम्मेदार कुछ दिन ही कार्रवाई करने के बाद फिर से चुप्पी साधकर बैठ जाते हैं और हादसों को दावत देती बसें धड़ल्ले से फर्राटा भरती रहती हैं। वहीं यह बसें तेज रफ्तार में चलने के साथ ही जिस स्थान पर सवारी दिख जाती हैं, वहीं पर खड़ी कर बैठाने लगते हैं।

    पीछे से आने वाले वाहनों के लिए एक बड़ा खतरा

    ऐसे में पीछे से आने वाले वाहनों के लिए एक बड़ा खतरा बन जाता है। कई बार हादसे भी हो जाते हैं। बसों में पीछे से वाहन टकराने की घटनाएं सर्दी के मौसम में कोहरे की वजह बढ़ जाती हैं। सवारी बैठाने के चक्कर में बस चालक लेन का भी ध्यान नहीं देते हैं और अचानक बस मोड देते हैं।

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    इन सब से हादसों के बढ़ते खतरों को देखते हुए दैनिक जागरण की ओर से अभियान शुरू किया जा रहा है। जिससे जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी को निभाएं और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें।

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