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    पीलीभीत टाइगर रिजर्व की 17 हेक्टेयर भूमि पर फिर अतिक्रमण, ट्रैक्टर चलाकर लाखों के पौधे किए नष्ट

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 08:47 AM (GMT+05:30)

    पीलीभीत टाइगर रिजर्व की 17 हेक्टेयर कब्जामुक्त भूमि पर अतिक्रमणकारियों ने लाखों का पौधरोपण नष्ट कर फिर से कब्जा करने की कोशिश की। वन विभाग ने इस मामले ...और पढ़ें

    जांच करती टीम। सौजन्य से विभाग।

    जांच करती टीम। सौजन्य से विभाग।

    HighLights

    1. 17 हेक्टेयर कब्जामुक्त वन भूमि पर फिर अतिक्रमण का प्रयास

    2. लाखों रुपये का पौधरोपण ट्रैक्टरों से नष्ट किया गया

    3. 10 नामजद सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत

    संवाद सूत्र, घुंघचाई (पूरनपुर)। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की कब्जामुक्त कराई गई 17 हेक्टेयर वन भूमि पर एक बार फिर अतिक्रमण करने की कोशिश कर वन विभाग को खुली चुनौती दी गई। रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों से पूरी भूमि को जोतकर वहां कराया गया लाखों रुपये का पौधरोपण नष्ट कर दिया गया। भूमि पर लगी तार फेंसिंग और सीमांकन के पिलर भी उखाड़ दिए गए। जानकारी से विभाग में खलबली मच गई। आरोपितों के विरुद्ध पुलिस को तहरीर दी है।

    पीटीआर की 17 हेक्टेयर भूमि पर लाखों का प्लांटेशन नष्टकर कब्जे का प्रयास

    शाहजहांपुर की खुटार रेंज का 813 हेक्टेयर में फैला जंगल वर्ष 2019 में पीटीआर को हस्तांतरित किया गया था। नवदिया बंकी का भी जंगल शामिल है। हस्तांतरित की गई अधिकांश भूमि पर किसान कई दशकों से कब्जा कर खेती कर रहे हैं। कब्जेदारों ने विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए कोर्ट की शरण भी ले रखी है। हालांकि करीब सात माह पूर्व 17 फरवरी को सामाजिक वानिकी डीएफओ भरत कुमार डीके, एसडीओ रमेश चौहान, पुवायां एसडीएम चित्रा निर्वाल पुलिस बल के साथ नवदिया बंकी बीट के गांव फगुनिहाई घाट पहुंचे थे।

    उस दिन वन विभाग ने गांव के पास 17 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया था। इसके बाद सामाजिक वानिकी विभाग की ओर से यहां बड़े स्तर पर पौधरोपण कराया गया।

    ट्रैक्टर से जोती संरक्षित वन विभाग की भूमि, तार फेंसिंग और पिलर भी तोड़े

    भूमि की सुरक्षा के लिए चारों ओर तार फेंसिंग और पिलर भी लगाए गए। लेकिन प्लांटेशन की निगरानी के वनकर्मियों की तैनाती नहीं की गई। चार दिन पूर्व 31 जुलाई की देर रात कई ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे कब्जेदारों ने पूरी भूमि जोत डाली। लगाए गए पौधों को नष्ट कर दिया। तार फेंसिंग पिलर तहस नहस कर दिए। घटना की सूचना पर वन अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां का नजारा देखकर दंग रह गए।

    दस लोगों को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात के विरूद्ध पुलिस को तहरीर दी गई

    दस लोगों को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात के विरूद्ध पुलिस को तहरीर दी गई है। साथ ही दो अलग अलग प्रभागों की ओर से विभागीय वाद भी दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने विभागीय कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों की ओर से भूमि पर दोबारा पौधारोपण कराने की बात कही जा रही है।

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    न्यायालय में विचाराधीन है वाद

    संबंधित भूमि को लेकर न्यायालय में वाद विचाराधीन है। हाल ही में न्यायालय ने वन विभाग को चार सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने के निर्देश दिए थे। इसी बीच कब्जे की नीयत से प्लांटेशन उजाड़े जाने की घटना ने वन भूमि की सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि सरकारी वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या नुकसान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ वन अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में कठोर कार्रवाई की जा रही है।

    फरवरी माह में कब्जा मुक्त कराई गई भूमि पर 15 हजार पौधे लगाए गए थे। कुछ लोगों ने ट्रैक्टरों से जमीन पर जोताई कर सभी पौधे नष्ट कर दिए। तार फेंसिंग, पिलर भी तोड़े हैं। आरोपितों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है। भूमि पर दोबारा पौधारोपण कर निगरानी को टीम लगाई जाएगी।


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    भरत कुमार डीके डीएफओ सामाजिक वानिकी, पीलीभीत