लोहरपुरी उमाशंकर हत्याकांड: झगड़ालू स्वभाव और अवैध संबंधों में पत्नी ममता ने पति को दी दर्दनाक मौत
कलीनगर के लोहरपुरी गांव में उमाशंकर की हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें पत्नी ममता को गिरफ्तार किया गया है। ममता ने कथित प्रेम प्रसंग और झगड़ालू स् ...और पढ़ें

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HighLights
एक बार पहले भी पति पर जानलेवा हमला कर चुकी थी ममता
डेढ़ वर्ष पूर्व ममता से मिलने लोहरपुरी आये प्रेमी से भी खूब हुआ था झगड़ा
संवाद सहयोगी, कलीनगर (पीलीभीत)। लोहरपुरी गांव में हुई उमाशंकर की हत्या का मामला खूब चर्चा में बना हुआ है। हत्यारोपित पत्नी अपने झगड़ालू स्वभाव के कारण आज अपने ही पति की हत्या के मामले में जेल में बंद है। पूर्व में भी उसने अपने पति पर जानलेवा हमला कर उसे घायल कर दिया था। इसके अलावा अपने ही गांव में उसने अपने प्रेमी के साथ भी खूब झगड़ा किया। गांव वालों द्वारा पुलिस बुलाने के बाद मामला शांत हुआ।
कलीनगर तहसील के गांव लोहरपुरी में हुए चर्चित उमाशंकर हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मामले में गिरफ्तार हत्यारोपित पत्नी ममता ने पति उमाशंकर को नशे की गोलियां देने के बाद रात में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
घटना का खुलासा तब हुआ जब पुत्र ने अपनी मां को कथित रूप से पिता की हत्या करते हुए देख लिया और इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस जांच के दौरान सामने आया है कि ममता का गुजरात के जामनगर निवासी नकुम भावेश नामक व्यक्ति से कथित प्रेम प्रसंग था।
तीन वर्ष पहले पति के साथ गुजरात पहुंची ममता और नकुम भावेश के बीच नजदीकियां बढ़ीं। बाद में दोनों ने कथित तौर पर विवाह भी कर लिया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में प्रेमी की क्या भूमिका रही।
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जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या से पहले और घटना के बाद ममता की प्रेमी से कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस काल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
ग्रामीणों के अनुसार ममता का स्वभाव शुरू से ही झगड़ालू था। करीब चार वर्ष पहले भी उसने पति उमाशंकर पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी। हालांकि पारिवारिक मामला होने के कारण उस समय किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
लेकिन तब उमाशंकर की जान बच गई। करीब डेढ़ वर्ष पहले लोहरपुरी गांव में ही ममता का प्रेमी उससे मिलने पहुंच गया। किसी बात को लेकर रात्रि में दोनों में खूब झगड़ा हुआ।
मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सूचना दे दी गई थी, पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत करा दिया गया था। बताया जाता है कि विवाह के बाद से ममता की ससुराल चित्तरपुर में भी आए दिन विवाद होते रहते थे। इसी के चलते उमाशंकर ने अपना मकान बेच दिया और पत्नी के साथ कलीनगर में रहने लगे।
लेकिन वहां भी ममता के झगड़ालू स्वभाव के कारण उन्हें दो-तीन बार ठिकाना बदलना पड़ा। इसके बाद ममता पति को लोहरपुरी गांव में ममता के मायके के पास मकान बनाकर रहने लगी। ममता के झगड़ालू स्वभाव, पारिवारिक विवाद और कथित प्रेम प्रसंग ने आखिरकार हत्याकांड का रूप ले लिया। वहीं पुलिस मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है।