शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे का असर: पीलीभीत के 41 गांवों में जमीनों की रजिस्ट्री पर लगी रोक
पीलीभीत में शामली-गोरखपुर हाईस्पीड एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके चलते कुल 41 गांवों में जमीन की रजिस्ट्री, भूमि उपयो ...और पढ़ें

गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे
HighLights
बीसलपुर तहसील के 39 और सदर के दो गांवों से गुजरेगा शामली-गोरखुपर हाईस्पीड एक्सप्रेस-वे
भूमि अर्जन की प्रक्रिया के तहत संबंधित गांवों में भूमि उपयोग परिवर्तन पर भी लगी रोक
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। शामली-गोरखपुर हाईस्पीड एक्सप्रेस-वे अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। इसके लिए बीसलपुर तहसील के 39 गांव और सदर तहसील के दो गांवों में भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। भूमि अर्जन की प्रक्रिया के लिए संबंधित गांवों में भूमि उपयोग परिवर्तन, बैनामा और किसी भी प्रकार के निर्माण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई है।
बीसलपुर तहसील प्रशासन की ओर से बिलसंडा ब्लाक के गांवों पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ेगा। मुख्य रूप से बमरोली, हर्ररायपुर, लिलहर, हसउआ, मुड़िया बिलहरा, ईंट गांव, रामपुर अमृत, वीर सिंहपुर, नौगवा संतोष, वादियां, गजरौला, रमापुर, जोगीठेर, लौगाह, बिचपुरी, कटकवारा, तिलछी, सखिया, रुरिया, टिकरी माफी समेत कुल 39 गांव शामिल हैं।
वहीं, सदर तहसील के वार नवादा और गुलड़िया जाफरपुर से भी यह हाईवे होकर गुजरेगा। अभी इस परियोजना का अंतिम गजट होना शेष है। गजट अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन गांवों के किस-किस गाटा संख्या से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा।
रोक लगाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि अधिग्रहण की घोषणा के बाद भू-माफिया या अन्य लोग मुआवजे के लालच में जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े न बेच और खरीद सकें या उस पर रातों-रात निर्माण कार्य न कर लें, इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त भार पड़ता है।
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एक्सप्रेस वे निकलने में जिन-जिन किसानों की ज़मीनें आ रही थीं, फिलहाल विशेष भूमि अध्यापी अधिकारी की ओर से भेजे गए पत्र के बाद उन जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। शासन की ओर से जो आदेश आएगा, उसी आधार पर आगे के कार्यों को किया जाएगा।
- नागेंद्र पांडेय, एसडीएम, बीसलपुर
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