यूपी के स्कूलों में आज से 'उत्सव' का आगाज़! टीका लगाकर होगा बच्चों का स्वागत, मिड-डे मील में मिलेगी खास खीर
पीलीभीत में 1 अप्रैल से 'स्कूल चलो अभियान' का आगाज हो रहा है, जिसे उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। डीएम और बीएसए ने 6-14 वर्ष के बच्चों का शत-प्रतिशत ना ...और पढ़ें

स्कूल चलो अभियान
HighLights
परिषदीय विद्यालयों में उत्सव जैसा होगा माहौल, डीएम ने भी जारी के निर्देश
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूल चलो अभियान का आगाज एक अप्रैल यानी आज से होने जा रहा है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और बीएसए रोशनी सिंह ने इस बार अभियान को एक उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी की है। मुख्य लक्ष्य छह से 14 वर्ष तक के हर बच्चे का स्कूल में नामांकन करना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
जनपद में परिषदीय विद्यालयों की संख्या 1,508 हैं। जिसमें 291 कंपोजिट, 928 प्राथमिक और 280 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित होते हैं। इसके अलावा नौ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी शामिल हैं। इनमें 18 स्कूलों का संचालन नगरीय क्षेत्र में किया जा रहा है। इनके लिए अभियान दो चरणों में संचालित होगा।
प्रथम चरण एक अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक चलेगा, इसमें नए सत्र के प्रारंभ पर बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाएगा। इसके बाद द्वितीय चरण एक जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से पांच वर्ष और प्राथमिक विद्यालयों में छह से 14 वर्ष के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान के लिए डीएम ने जिले के 55 अधिकारियों को अलग-अलग विद्यालयों की जिम्मेदारी दी है। सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास को मरौरी ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय सिरसा और सीएमओ डा. आलोक कुमार को ललौरीखेड़ा के कंपोजिट विद्यालय सरीरा का दायित्व दिया है। सभी अधिकारी आवंटित गांवों में जाकर नामांकन प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे और अभिभावकों को प्रेरित करेंगे।
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पहले दिन अतिथि की तरह होगा बच्चों का स्वागत
सत्र के प्रथम दिन स्कूलों को फूलों, रंगोली और गुब्बारों से सजाया जाएगा। स्कूल आने वाले बच्चों को रोली-चंदन का टीका लगाकर और माला पहनाकर उनका स्वागत किया जाएगा। मिड-डे मील में इस दिन बच्चों के लिए विशेष रुचिकर व्यंजन खीर और हलवा बनाया जाएगा। इसके अलावा, गांव के उन पूर्व छात्रों को भी बुलाया जाएगा उन्होंने अच्छी सफलता हासिल की है, ताकि वे नए बच्चों के लिए प्रेरणा बन सकें।
इंटरनेट मीडिया और रैलियों से बनेगी लहर
अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए ब्लाक स्तर पर सात हजार और विद्यालय स्तर पर रैलियों व बैनरों के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है। हर स्कूल में साइज के बड़े बैनर लगाए जाएंगे। स्थानीय स्तर पर प्रभात फेरियां निकाली जाएंगी और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से स्कूल चलो का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा।
स्कूल चलो अभियान को उत्साह के साथ लागू किया जा रहा है। उद्देश्य आउट आफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर जन-जागरूकता बढ़ाएं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर गतिविधि की जियो-टैग फोटोग्राफ्स पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
- रोशनी सिंह, बीएसए पीलीभीत
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