पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के साथ बड़ा खेल! फर्जी रसीद थमाकर वसूले हजारों रुपये, DFO पहुंचे SP के पास
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के साथ सफारी बुकिंग के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें फर्जी रसीदें देकर अतिरिक्त पैसे वसूले गए। शिकायत के ...और पढ़ें

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ को निहारते सफारी कर रहे पर्यटक। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन के दौरान साठगांठ कर सफारी वाहन उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपित ने पर्यटकों को फर्जी रसीदें भेजकर सफारी के लिए अतिरिक्त रुपयों की मांग की थी। संदेह होने पर इस पूरे प्रकरण की शिकायत डिप्टी डायरेक्टर से की गई है। डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने पूरे मामले में कार्रवाई के लिए एसपी से पत्राचार किया है।
दिल्ली के निवासी अभिनव विश्वास ने पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह से ठगी के मामले की साक्ष्यों के साथ शिकायत की है। उसने बताया कि गुजरात से आए मेहमानों के लिए गुरविंदर सिंह नामक ड्राइवर व कथित टूर एजेंट से 35,000 रुपये में पांच सफारी व फार्मस्टे बुक कराया था।
महज दो सफारी के बाद ही वाहन न होने का बहाना बनाकर एजेंट ने प्रति सफारी 5,000 रुपये अतिरिक्त मांगना शुरू कर दिया। ठगी का आलम यह था कि एजेंट ने तर्क दिया कि पीटीआर में साठगांठ करके वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है। इतना ही नहीं, कैमरा चार्ज के नाम पर 5,000 रुपए नगद भी ठग लिए।
जब उसने आरोपित से आधिकारिक रसीद मांगी, तो जो रसीद दी गई वह प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत हुई, जिसके बाद उसे अपने मेहमानों के साथ हुई ठगी के मामले की शिकायत की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए डीडी ने अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए एसपी से पत्राचार किया है।
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पर्यटन के नाम पर अवैध वसूली का अंदेशा
गौरतलब है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में कोई भी पंजीकृत ट्रैवल एजेंट नहीं है। यहां संचालित महोफ, मुस्तफाबाद और बराही सफारी गेटों पर पर्यटकों द्वारा ही सफारी बुकिंग करने की व्यवस्था है। पूरा मामला उजागर होने के बाद ऐसे तमाम फर्जी एंजेंटो की ओर से ठगी का अंदेशा भी जताया जा रहा है।
पहले भी विवादों में रह चुका है आरोपित
यह पहला मौका नहीं है जब कथित नेचर गाइड गुरविंदर सिंह विवादों में रहा हो। बीते वर्ष सात दिसंबर को जंगल सफारी के दौरान कुछ सफारी वाहनों की ओर से एक बाघ को साइफन पुल पर घेर लिया गया था।
उस दौरान कई चालकों व गाइडों को निलंबित भी किया था। उक्त प्रकरण में भी आरोपित का नाम भी सामने आया था। हालांकि, पीटीआर में स्थानीय अधिकारियों को पर्यटकों से ठगी का कारोबार कैसे पनप रहा है यह भी अहम सवाल है।
अभिनव विश्वास नामक व्यक्ति की ओर से पर्यटन के नाम पर ठगी की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायतकर्ता की ओर से कई साक्ष्य भी प्रदान किए गए हैं, जिनके आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक से पत्राचार किया गया है। पर्यटकों से भी अपील है कि किसी फर्जी एजेंट के झांसे में न आएं। पर्यटक काउंटर पर जा कर स्वयं ही बुकिंग करा सकते हैं।
- मनीष सिंह, डीएफओ
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