चुका बीच बंद होने से न हों उदास! महज ₹10 में करें Pilibhit Tiger Reserve के इस खूबसूरत सफर का दीदार
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र समाप्त होने के बाद भी पर्यटक अब महज 10 रुपये में अन्य रमणीय स्थलों की सैर कर सकते हैं। सप्त सरोवर, बाइफरकेशन प्वाइ ...और पढ़ें

माला रेंज स्थित पुल से गुजरती ट्रेन। फाइल
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीटीआर का पर्यटन सत्र बीते 30 जून को समाप्त हो गया है। पर्यटन सत्र की समाप्ति के बाद जंगल सफारी बंद कर दी गई। पीटीआर स्थित चूका पिकनिक स्पाट जाने वाले रास्तों पर भी बैरियर लगा दिए गए हैं। अब सैलानी वनक्षेत्र के बाहर स्थित पर्यटन स्थलों की सैर कर रहे हैं।
इनमें सात तालाबों वाला सप्तसरोवर, नहरों के वर्गीकरण वाला बाइफरकेशन प्वाइंट व शारदा सागर डैम सबसे प्रमुख हैं। पर्यटक अब भी पीटीआर की हरी-भरी वादियों की सैर कर सकते हैं। वहीं, इसके लिए उन्हें भारी भरकम शुल्क नहीं महज दस रुपये खर्च करने होंगे।
पीटीआर लगभग 730 वर्ग किमी. में फैला विशाल जंगल है। इस जंगल से तमाम महत्वपूर्ण सड़क मार्गों के साथ पीलीभीत को प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाला पीलीभीत-मैलानी रेलखंड भी गुजरता है। पीलीभीत-मैलानी रेलखंड पर माला से संडई हाल्ट के बीच लगभग सात किमी का रेलवे ट्रैक पीटीआर की माला रेंज से होकर गुजरता है।
जिसपर रोजाना पांच पैसेंजर अपडाउन व दो साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन से हजारों यात्री सफर करते हैं। मानसून के दौरान रेलखंड के हिस्से पर सफर करना किसी रोमांच से कम नहीं है। इस दौरान पीटीआर का सघन वन क्षेत्र अपने सुंदरतम स्वरूप में होता है। इसके साथ ही साथ इस रेलखंड पर यात्रा करने वाले यात्रियों को कई बार बाघ समेत कई वन्यजीवों के दीदार हो जाते हैं।
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मैलानी-नानपारा मीटरगेज की तरह ही इस रेलखंड पर सफर करने को लेकर लोगों में खासी दीवानगी देखी जा रही है। हालांकि इस रेलखंड पर सफर करने वालों को कुछ एहतियात भी बरतने चाहिए। किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने की स्थिति में शोर-शराबा नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही रेलयात्रा क दौरान कचरा बाहर फेंकने से बचना चाहिए।
पीलीभीत के अन्य रमणीय स्थल
पीलीभीत में जंगल सफारी के इतर कई अन्य रमणीय स्थल भी मौजूद हैं। सत्र की समाप्ति के बाद भी पीटीआर की बाराही रेंज में स्थित सप्त सरोवर के दरवाजे पर्यटकों के लिए खुले हैं। यहां पर्यटकों के ठहरने के लिहाज से हटें भी बनाई गई हैं।
पर्यटक सेल्हा गांव स्थित द्वार के माध्यम से यहां पहुंच सकते हैं। इसके अलावा बाइफरकेशन प्वाइंट भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। सूर्यास्त के दीदार करने के शौकीनों के बीच शारदा सागर डैम की दीवानगी भी देखी जाती है।
रिकाॅर्ड पर्यटन के साथ मौजूदा सत्र की समाप्ति हो चुकी है। सत्र समाप्ति के बाद लोग सप्त सरोवर की सैर कर सकते हैं। वनक्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों से अपील है कि कचरे को बाहर न फेंकें। यह प्रदूषण के साथ ही साथ वन्यजीवों के लिए भी खतरनाक साबित होता है।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर
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