प्रतापगढ़ में दर्दनाक हादसा : सई नदी में स्नान करने गए दो भाइयों सहित तीन किशोर डूबे, एक का शव बरामद; दो की तलाश जारी
प्रतापगढ़ में सई नदी के खीरीवीर घाट पर स्नान करने गए दो सगे भाइयों सहित तीन किशोर डूब गए। एक का शव मिला, अन्य की तलाश पुलिस गोताखोरों से करा रही है, ल ...और पढ़ें

प्रतापगढ़ में कोतवाली नगर के खीरीवीर घाट पर सई नदी में तीन किशोरों के डूबने के बाद जुटी भीड़। जागरण
HighLights
दुकान जाने के लिए स्कूटी से थे निकले, अचानक चले गए नदी की ओर
नगर कोतवाली के अचलपुर कालोनी निवासी हैं तीनों किशोर
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। घर से दुकान जाने के लिए स्कूटी निकले दो नाबालिग सगे भाई अपने फुफेरे भाई के साथ नगर कोतवाली के किशुनदासपुर खीरीवीर जाकर सई नदी में नहाने लगे। बरसात के कारण पानी के तेज बहाव में फंसकर वह गहरे पानी में समा गए। किसी तरह गोताखाेर शाम तक एक का शव नदी में तलाशकर निकाल पाए थे। अन्य दो की तलाश में एसडीआरएफ, अग्निशमन व पुलिस की टीमें लगी हैं।
तीनों किशोर नगर कोतवाली के अचलपुर निवासी
नगर कोतवाली के अचलपुर निवासी रामजी सोनी जेवर सफाई का काम करते हैं। उनके बहनोई बीरापुर निवासी राजू सोनी भी उनके बगल किराए पर कमरा लेकर रहते हैं और सराफा की दुकान पर काम करते हैं। रविवार सुबह साढ़े नौ बजे बारिश के दौरान रामजी के तीन बेटों में दो बड़े बेटे 15 वर्षीय अनुराग सोनी व 13 वर्षीय कृष्णा सोनी घर से दुकान पर जाने के लिए स्कूटी से निकले। बाहर राजू का 16 वर्षीय बेटा अमित मिल गया। उनमें कुछ बात हुई और फिर तीनों ने अचानक दुकान जाने का प्लान बदल दिया और सई नदी के खीरीबीर पुल के पास चले गए।
नदी के तेज बहाव में समा गए
पुल के पहले ढलान से स्कूटी उतारते हुए सरपत के बीच से होकर सई नदी किनारे और नहाने के लिए तीनों नदी में उतर गए। बारिश से नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण कुछ ही देर में तीनों गहरे पानी में समा गए। नदी के दूसरी ओर मछली पकड़ रहे अमर बहादुर समेत कुछ युवकों ने तीनों को डूबते देखा तो शोर मचाया। साथ ही पुलिस को सूचना दी। बताया गया कि पहले अमित नदी में कूदा, उसके बाद उसे बचाने में दोनों भाई कूद गए।
मशक्कत के बाद अमित का शव बरामद
शहर कोतवाल सुभाष यादव, सीओ सिटी आशुतोष मिश्र पहुंचे। स्कूटी व चप्पल बाहर मिले। स्कूटी के नंबर से पुलिस ने अनुराग के पिता को सूचना दी। इसके बाद परिवार के लोग रोते-बिलखते पहुंचे। अग्निशमन कर्मी, दो थानों की पुलिस ने वहां के कुछ गोताखोरों की मदद से बच्चों की तलाश शुरू कराई। दोपहर बाद राजू के पुत्र अमित का शव घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर लोहे के कांटे में फंसा तो उसे निकाला गया। दोनों सगे भाइयों की तलाश में शाम चार बजे एसडीआरएफ भी आ गई। नदी के दोनों किनारों पर सैकड़ों लोग जमा रहे।
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नदी में तीन किशाेरों के डूबने की सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची व रेस्क्यू में लग गई। एक किशोर का शव मिला है, अन्य को तलाशा जा रहा है।
- दीपक भूकर, एसपी।
अंधेरा होने से रुका रेस्क्यू
बच्चों को नदी से निकलने के लिए चल रहा रेस्क्यू का कार्य शाम ढलने पर अंधेरा हो जाने के कारण रोकना पड़ा। एसडीआरएफ टीम अब सुबह खोजबीन शुरू करेगी। इधर बच्चों के परिवार के लोग देर रात तक वहां पर इस उम्मीद में रहे कि कहीं से कोई बता दे कि उनके बच्चे पानी में फंसने के बाद जीवित निकल आए हैं। काश उनकी उम्मीद पूरी हो जाती...। फिलहाल उनकाे किसी तरह पुलिस वाले समझ कर घर भेजे।
मां को पकड़े रहे स्वजन
बेटों के गम में बिलख रही अनुराग और कृष्णा की मां पुल पर घर वालों की निगरानी में रही। लोगों को डर था कि कहीं यह सदमे में पुल से न कूद जाए। घर के लोग रोते रहे और उनको संभालते रहे। यह दृश्य देखकर सबका हृदय द्रवित हो गया।
बरसात में पुलिस ने की मशक्कत
नदी में तीन बच्चों के डूबने की सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस और दिलीपपुर पुलिस बिना देर किए दौड़ पड़ी। शहर कोतवाल सुभाष यादव, जेल चौकी इंचार्ज प्रशांत दुबे पहुंचे। भंगवा चुंगी चौकी इंचार्ज अमित सिंह भी पहुंचे। दिलीपपुर थानाध्यक्ष बलराम सिंह फोर्स लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के दर्जनों जवान भीगते हुए रेस्क्यू में सहयोग देते नजर आए।
दमकलकर्मियों में जोखिम में डाली जान
सदर फायर स्टेशन से दमकल कर्मियों की टीम केंद्र प्रभारी राधेश्याम दुबे के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। जंगल झाड़ी होते हुए बोलेरो कैंपर घटनास्थल तक यह जवान ले गए। रास्ता निकालकर तत्काल कांटा फेंककर जान जोखिम में डालकर मदद में जुट गए। इसका परिणाम रहा कि थोड़ी ही देर में अमित का शव बरामद कर लिया गया।
हम कुछ कर न सके
बच्चों को पानी में फंसे हुए सबसे पहले चौखड़ा के अमर बहादुर ने देखा। उसने बताया कि हम नदी के दूसरे छोर पर थे। बच्चों की आवाज सुनकर दौड़ा, लेकिन पुल पार करके आने में समय लगा। बड़ा दुख है कि मैं बच्चों की मदद नहीं कर पाया। शव निकालने में टीम के साथ शिवशत निवासी लाला शाहरुख ने कड़ी मेहनत की।
पूरे कपड़े पहनकर नहाने पर उठे सवाल
नदी या तालाब में नहाने के लिए लोग आम तौर पर ऊपरी कपड़े उतार देते हैं, लेकिन इस केस में कुछ अलग रहा। अमित की लाश जब नदी से निकाली गई तो पता चला कि उसने जींस पैंट और शर्ट पहनी थी। उसका मोबाइल नहीं मिला। इस बारे में पुलिस वाले कुछ बता नहीं सके।
परिवार से मिले विधायक
हादसे की जानकारी पर सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य घटनास्थल पर पहुंचे। परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की। पुलिस-प्रशासन से कहा कि परिवार की पूरी मदद की जाए।
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