प्रयागराज के 218 बेसिक स्कूलों में बिजली कनेक्शन ही नहीं, भीषण गर्मी में बच्चे परेशान; आदेश-निर्देश बेअसर
प्रयागराज के 218 बेसिक स्कूलों में दो साल से बिजली कनेक्शन नहीं है, जिससे भीषण गर्मी में बच्चे परेशान हैं। जिला शिक्षा समिति की बैठकों के बावजूद समस्य ...और पढ़ें

प्रयागराज के कई बेसिक स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं होने से बच्चों को परेशानी हो रही है।
HighLights
'झटपट पोर्टल' पर आवेदन की प्रक्रिया दो वर्ष पहले पूरी हो चुकी है
स्कूलों से हाई टेंशन लाइन हटवाने के लिए भी नहीं की गई कार्रवाई
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित 218 स्कूलों में अब तक बिजली कनेक्शन नहीं हो सका है। ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुल चुके हैं। बच्चों को गर्मी में बैठना पड़ रहा है। इन स्कूलों में बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 'झटपट पोर्टल' पर आवेदन की प्रक्रिया दो वर्ष पहले पूरी हो चुकी है।
मेजा में सबसे अधिक 36, करछना में नौ, बहरिया और बहादुरपुर में छह-छह, कौंधियारा और कौड़िहार में पांच, भगवतपुर में दो स्कूल बिना कनेक्शन के हैं। कोरांव और मऊआइमा में कई विद्यालय बिना कनेक्शन वाले हैं। जिला शिक्षा समिति की बैठक में भी इस विषय पर कई बार आदेश निर्देश दिए गए लेकिन पूरा मामला फाइलों तक सीमित है। इसी तरह 26 विद्यालयों में भवनों के ऊपर से गए हाइटेंशन तार को नहीं हटाया गया।
जिला शिक्षा समिति व एमडीएम टास्क फोर्स की बैठक डीएम मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संगम सभागार में हुई। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चलने वाली योजनाओं की समीक्षा की गई। विभाग ने आपरेशन कायाकल्प के तहत 19 मानकों पर विद्यालयों के संतृप्तिकरण, निपुण भारत मिशन, मध्याह्न भोजन योजना, समेकित शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता जैसे विषय पर रजिस्टर में दर्ज आंकड़े रखे।
स्कूल चलो अभियान के माध्यम से नवीन बच्चों का नामांकन, कक्षा पांच व आठ पास आउट बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश, प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग की जानकारी साझा हुई। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में स्वीकृत निर्माण कार्य व अन्य निर्माण कार्य से संबंधित कार्यदायी संस्था, विद्युत विभाग द्वारा विद्यालयों में विद्युत संयोजन, विद्यालय परिसर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की शिफ्टिंग आदि का विषय उठा लेकिन अब तक इन कार्यों को पूरा क्यों नहीं किया गया? इसके लिए किसी की जवाबदेही नहीं तय हुई।
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संबंधित विभागों को एक माह के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य कराए जाने के निर्देश के साथ कार्य न पूर्ण होने की दशा में जवाबदेही तय करने की बात कहते हुए चेतावनी देकर बैठक की इतिश्री हो गई। खंड शिक्षा अधिकारी करछना और कोरांव बैठक में नहीं शामिल हुए। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस दौरान बीएसए अनिल कुमार, डीआइओएस संतोष कुमार राय, जिला पंचायतराज अधिकारी रविशंकर द्विवेदी, जिलापूर्ति अधिकारी सुनील सिंह, डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रताप आदि मौजूद रहे।