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    अतीक के बेटे अबान का जनाजा: जेल से आएंगे भाई उमर और अली, फिर होगा सुपुर्द-ए-खाक

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 07:57 AM (IST)

    माफिया अतीक के बेटे अबान का जनाजा उसके जेल में बंद भाइयों उमर और अली के आने का इंतजार कर रहा है, जिन्हें पैरोल मिल गई है। कानपुर-झांसी राजमार्ग पर एक ...और पढ़ें

    हटवा स्थित अबान के बुआ के घर लगी भीड़ व तैनात पुलिस । जागरण

    हटवा स्थित अबान के बुआ के घर लगी भीड़ व तैनात पुलिस । जागरण

    HighLights

    1. अतीक के बेटे अबान का जनाजा भाइयों के इंतजार में रुका।

    2. जेल में बंद उमर और अली को मिली पैरोल।

    3. कानपुर-झांसी राजमार्ग पर सड़क हादसे में हुई मौत।

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माफिया अतीक का बेटा एहजम, रिश्तेदार, करीबी और समर्थक जेल में बंद उमर व अली का इंतजार कर रहे हैं। बड़े भाइयों के आने पर अबान का जनाजा उठेगा। इसके बाद कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अतीक और अशरफ के पास की कब्र में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। वहीं, अबान के दोस्त रफीक उर्फ सोनू को शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के बाद दफनाया गया।

    पूरे गांव में मातम के बीच शांति और सुरक्षा-व्यवस्था को देखते हुए सुबह से ही हटवा गांव, कसारी-मसारी कब्रिस्तान और चकिया में पुलिस फोर्स तैनात है। इस दौरान माफिया के करीबियों और समर्थकों के बीच गहमागहमी बनी रही। उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रही इनामी शाइस्ता, आयशा नूरी और जैनब के आने की आहट पर खुफिया एजेंसी भी सतर्क रहकर इनपुट जुटाती रही।

    अतीक का बेटा अबान गुरुवार सुबह हटवा पूरामुफ्ती निवासी चचेरे भाई मो. उमर, दोस्त सोनू, आजम और मोहम्मद जैद साथ झांसी जेल में बंद अपने भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। सभी लोग क्रेटा कार में सवार थे। सुबह करीब साढ़े 10 बजे कानपुर-झांसी राजमार्ग पर पूंछ क्षेत्र में पहुंचने पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टक्कर गई।

    यह भी पढ़ें- अतीक के बेटे अबान की दुर्घटनाग्रस्त कार का खुलासा, गलत पता, 16 चालान और 6 बार ओवरस्पीडिंग

    हादसे में कार सवार अबान और उसके साथी सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन दोस्त घायल हो गए। हटवा गांव से बड़ा भाई अहजम, ग्राम प्रधान समेत कई लोग झांसी पहुंचे। पोस्टमार्टम होने के बाद देर रात काफिले के साथ वह प्रयागराज के लिए निकले। शुक्रवार सुबह दोनों का शव लेकर हटवा गांव पहुंचे तो मातम पसर गया।

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    चकिया और कसारी-मसारी में भी शव लाए जाने का इंतजार होता रहा। इसी बीच हाईकोर्ट से लखनऊ जेल में बंद उमर और झांसी जेल में निरुद्ध अली को भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल मिल गई है। अब उनके आने पर शनिवार को दफनाने की बात कही जा रही है।