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    आगरा की घटना पर प्रयागराज में भड़का स्टेशन मास्टरों का गुस्सा, 16 जुलाई को पूरे NCR में प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी दी

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Tue, 14 Jul 2026 03:21 PM (IST)

    आगरा स्टेशन पर आरपीएफ कर्मियों द्वारा स्टेशन मास्टर से मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन और नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इ ...और पढ़ें

    HighLights

    1. आगरा स्टेशन पर स्टेशन मास्टर से आरपीएफ कर्मियों की मारपीट, बदसलूकी की घटना तूल बनी

    2. ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA) के विरोध के बाद NCRES इस लड़ाई में कूदी

    3. संघ की चेतावनी- दोषियों पर सख्त कार्रवाई न हुई तो उत्तर मध्य रेलवे में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होगा

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। आगरा स्टेशन पर आन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर के साथ आरपीएफ कर्मियों द्वारा की गई मारपीट और बदसलूकी की घटना ने अब एक बड़ा रूप ले लिया है। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA) के विरोध के बाद अब रेलवे की सबसे बड़ी यूनियनों में से एक, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ (NCRES) भी इस लड़ाई में कूद पड़ी है। संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर दोषी आरपीएफ कर्मियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे उत्तर मध्य रेलवे (NCR) में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन होगा।

    बनाई गई आर-पार लड़ाई की रणनीति

    नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार को आगरा डिवीजन के पदाधिकारियों के पहुंचने के बाद उच्च स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक शुरू हुई। इसमें आगरा मंडल के अध्यक्ष दीपक गाेयल और मंडल सचिव अरुण शर्मा ने वहां की स्थिति से अवगत कराया। एनसीआरईएस के महामंत्री आरपी सिंह ने इस घटना को बेहद निंदनीय और शर्मनाक बताया है।

    'दोषी आरपीएफ कर्मियों की बर्खास्तगी तक आंदोलन'

    उन्होंने कहा कि मंगलवार 14 जुलाई को संघ के सभी मंडलों के पदाधिकारियों को कड़े आदेश जारी कर दिए गए हैं। 16 जुलाई को हर छोटे-बड़े रेलवे स्टेशन से लेकर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालयों तक जोरदार प्रदर्शन कर विरोध जताया जाएगा। अब दोषी आरपीएफ कर्मियों की बर्खास्तगी पर ही आंदोलन बंद होगा। यह रेलकर्मी के मान सम्मान सबसे खिलवाड़ है और रेलवे की छवि को धूमिल करने की पूरी कोशिश है। महामंत्री की इस घोषणा के बाद से रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

    यूनियन आर-पार की लड़ाई के मूड में 

    मंगलवार को ही मंडल रेल प्रबंधक सभागार में चल रही एक अहम बैठक के दौरान नार्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के मंडल मंत्री चंदन सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "इस बर्बरता का पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा। भविष्य में हमारे किसी भी रेल कर्मचारी के साथ ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए यूनियन हर सख्त कदम उठाएगी। यूनियन इस पीड़ित स्टेशन मास्टर और पूरे संवर्ग के साथ हर मोड़ पर खड़ी है।"

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    एनसीआर में स्टेशन मास्टरों ने बांह पर बांधी काली पट्टी 

    इससे पहले, ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA) के आह्वान पर प्रयागराज मंडल मुख्यालय पर 100 से अधिक स्टेशन मास्टरों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया और डीआरएम रजनीश अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। 12 जुलाई को हुई इस घटना ने अब रेलकर्मियों और आरपीएफ के बीच एक बड़ी खाई खींच दी है। जहां एक तरफ स्टेशन मास्टर न्याय मांग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी यूनियनों के इस आंदोलन में कूदने से अब इस मामले के तूल पकड़ने में देर नहीं लगेगी।

    बर्खास्तगी की मांग पर अड़े स्टेशन मास्टर  

    ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष इंद्रसेन ने कहा कि दोषियों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई हो। उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए। यह बिल्कुल बर्दाश्त से बाहर है कि आन ड्यूटी कर्मचारी को पीटा जाए। यह तो निरंकुशता है, अमानवीय है। जब कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार है तो आम यात्रियों के साथ कैसा व्यवहार किया जाएगा।

    100 से अधिक स्टेशन मास्टर प्रदर्शन में शामिल हुए 

    प्रदर्शन के दौरान कानपुर से लेकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन तक के विभिन्न स्टेशनों के 100 से अधिक स्टेशन मास्टर प्रदर्शन में शामिल होने पहुुंचे। इसमें स्टेशन मास्टरों में संतोष कुमार, विनोद कुमार, राहुल सिंह, विजय प्रताप सिंह, जीतेंद्र सिंह, संजय कुमार भारतीय आदि शामिल रहे।

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