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IPC की धारा 306 में दोषसिद्धि को ठोस सुबूत आवश्यक, इलाहाबाद HC ने पति की आत्महत्या में आरोपित पत्नी को अग्रिम जमानत दी

By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Updated: Wed, 26 Aug 2026 05:18 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पति की आत्महत्या के आरोप में पत्नी स्मृति सोनी देवी को सशर्त अग्रिम जमानत दी है। ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

HighLights

  1. कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र का मामला

  2. याची के खिलाफ वर्ष 2023 में केस दर्ज हुआ था  

विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने की आरोपित पत्नी स्मृति सोनी देवी को सशर्त अग्रिम जमानत प्रदान की है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने यह आदेश दिया है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि आइपीसी की धारा 306 के तहत दोष सिद्ध करने के लिए ठोस सुबूत आवश्यक हैं।

झूठा फंसाए जाने की दलील

कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में याची के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज हुआ था। उसका राहुल पाल के साथ दूसरा विवाह था। दोनों गुरुग्राम, हरियाणा में कार्यरत थे। आवेदिका के अधिवक्ताओं ने अदालत में झूठा फंसाए जाने की दलील दी।

...इसलिए उसने आत्महत्या का कदम उठाया 

कहा कि राहुल शराब का आदी था और नशे की हालत में आत्महत्या की। प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार आवेदिका द्वारा संपत्ति की मांग किए जाने के कारण राहुल अवसाद में चला गया था, जिसके कारण उसने आत्महत्या का कदम उठाया।

उकसाने का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सबूत नहीं 

बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि जांच के दौरान सुसाइड नोट बरामद हुआ था, लेकिन यह साबित करने के लिए कोई विशेषज्ञ रिपोर्ट नहीं है कि वह नोट राहुल ने लिखा था। आवेदिका के खिलाफ उकसाने का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सबूत नहीं है।

राज्य की ओर से जमानत अर्जी का विरोध किया गया

हाई कोर्ट की खंडपीठ ने पहले ही आवेदिका की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी थी और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, इसलिए हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। राज्य की ओर से जमानत अर्जी का विरोध किया गया, लेकिन तथ्यात्मक पहलुओं पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई।

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