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रिपोर्ट नहीं देने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आगरा पुलिस कमिश्नर को लगाई फटकार, अगली सुनवाई पर हाजिर होने का निर्देश

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Updated: Fri, 21 Aug 2026 01:13 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को जांच रिपोर्ट दाखिल न करने पर कड़ी फटकार लगाई ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

HighLights

  1. अदालत ने 18 अगस्त को पुलिस कमिश्नर को जांच रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था

  2. हाई कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि कमिश्नर फिर नहीं आए तो डीजीपी को तलब किया जाएगा

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। आदेश के बाद भी जांच रिपोर्ट न सौंपने पर कोर्ट ने कमिश्नर को फटकार लगाते हुए अगली सुनवाई तारीख आठ सितंबर को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का निर्देश दिया है। मामला श्याम बाबू व तीन अन्य की याचिका से जुड़ा है। न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की कोर्ट ने यह आदेश दिया है।

अदालत ने 18 अगस्त 2025 को कमिश्नर को जांच रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था, लेकिन करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट पेश नहीं की गई। तीन अक्टूबर 2025 को सरकारी वकील ने कमिश्नर का एक पत्र ही रिपोर्ट के तौर पर पेश करने की कोशिश की थी। कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि पत्र को जांच रिपोर्ट नहीं माना जा सकता।

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर सचिन्द्र पटेल और एसीपी गौरव सिंह भी कोर्ट में मौजूद थे। दोनों ने माना कि उन्हें इस केस की जानकारी नहीं है और वे इससे पहले कभी इससे जुड़े भी नहीं रहे। इस पर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि बिना जानकारी वाले अधिकारियों को भेजना सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग और महज खानापूर्ति है।

कोर्ट ने आदेश दिया है कि कमिश्नर मूल जांच रिपोर्ट, जांच अधिकारी का नाम-पद और उसे अधिकृत करने वाला आदेश रिकॉर्ड में दाखिल करें। कहा कि इस याचिका के सिलसिले में प्रयागराज आने को संबंधित अधिकारियों की रूटीन ड्यूटी माना जाएगा। इसलिए उन्हें टीए, डीए या किसी अन्य सुविधा का दावा करने का अधिकार नहीं होगा। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि कमिश्नर फिर नहीं आए तो डीजीपी को तलब किया जाएगा।

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