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    इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रावासों के लिए नया नियम लागू, अब केवल एक ही प्रवेश द्वार से छात्रों का आना और जाना होगा

    By Jagran News Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 19 Dec 2025 05:18 PM (IST)

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने छात्रावासों में अवैध छात्रों को रोकने के लिए सिंगल एंट्री प्वाइंट सिस्टम शुरू किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रावासों का ...और पढ़ें

    इलाहाबाद विश्विद्यालय के छात्रावासों में अवैध अंतेवासियों की घुसपैठ रोकने के लिए सिंगल एंट्री प्वाइंट व्यवस्था लागू की गई है। जागरण आर्काइव

    इलाहाबाद विश्विद्यालय के छात्रावासों में अवैध अंतेवासियों की घुसपैठ रोकने के लिए सिंगल एंट्री प्वाइंट व्यवस्था लागू की गई है। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. छात्रावासों में सिंगल एंट्री प्वाइंट व्यवस्था से अवैध अंतेवासियों की घुसपैठ रुकेगी

    2. छात्रावासों में रहने वाले अंतेवासियों की वैधता तय करने के लिए होगा आडिट

    3. फार्म की फोटो और कमरे में प्रवेश करने वाले छात्रों की फुटेज से होंगे चिन्हित

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अवैध अंतेवासियों की घुसपैठ रोकने के लिए सिंगल एंट्री प्वाइंट व्यवस्था लागू कर दी गई है। यानी अंतेवासी जिस गेट से प्रवेश करेगा, उसी गेट से बाहर निकलेगा। प्रवेश द्वार सहित संपूर्ण परिसर में सीसीटीवी कैमरे से आने जाने वाले की निगरानी की जाएगी।

    छात्रावासों की होगी आडिट 

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन इसको लेकर एक बार फिर छात्रावासों की आडिट शुरू करने जा रहा है। इसमें वैध और अवैध छात्रों की पहचान होगी और इसमें छात्र के आवेदन की फोटो और सीसीटीवी फुटेज से मिलान किया जाएगा।

    क्यों लागू की गई यह व्यवस्था?  

    बुधवार को एसएसएल छात्रावास में छापेमारी के दौरान 17 कमरों में ताले लटके मिले। जैसे ही पुलिस बल छात्रावास में पहुंचा अंतेवासी ताला लगाकर पीछे से रास्ते से निकल भागे। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज से इन कमरों में मूवमेंट की जांच की गई तो पता चला कि यहां पर अवैध अंतेवासियों के आने जाने का क्रम बना हुआ था। इसके बाद सभी छात्रावासों में सिंगल एंट्री प्वाइंट व्यवस्था लागू कर दी गई है।

    छात्रावासों की निगरानी के लिए बनेगा कंट्रोल रूम

    विश्वविद्यालय की योजना है कि छात्रावासों की निगरानी के लिए एक अलग से कंट्रोल रूम तैयार किया जाए ताकि एक ही स्थान पर बैठकर सभी छात्रावासों की निगरानी की जा सके। उधर इवि प्रशासन ने एक-एक कर सभी छात्रावासों को शत प्रतिशत सीसीटीवी आच्छादित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। चरणबद्ध तरीके से छात्रावासों में छापेमारी अभियान चलेगा। इवि की योजना ऐसे समय में छापेमारी करने की है, जबकि अवैध अंतेवासी आसानी से पकड़े जा सकें। इसके लिए मध्यरात्रि या इसके बाद का समय छापेमारी होगी। 

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    मंगाए गए अंतेवासियों के रिकार्ड

    प्राक्टर कार्यालय में सभी छात्रावासों में रहने वाले अंतेवासियों के रिकार्ड मंगा लिए गए हैं। ऐसी आशंका है कि कई अवैध अंतेवासियों ने वैध छात्र के नाम पर कमरे अलाट करा लिए और वह खुद वहीं रहते हैं। ऐसे में इन रिकार्ड की गहराई से जांच की जा रही है। इसको लेकर इवि प्रशासन पुलिस से समन्वय स्थापित करेगा और आपराधिक प्रवृत्ति के अवैध अंतेवासी की उपस्थिति का प्रमाण पुलिस को भी सौंपा जाएगा।

    छात्रावासों का माहौल सुधारने के प्रयास

    इवि प्रशासन का कहना है कि एक-एक छात्र की जांच होगी। यह देखा जाएगा कि जिन छात्रों के नाम कमरे अलाट हैं, वह छात्रावास जाते भी हैं या नहीं। या फिर उनके कमरों में कोई और रहता है। ऐसा पाए जाने पर संबंधित छात्र पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। कार्यवाहक प्राक्टर डाॅ. अतुल नारायण सिंह ने बताया कि छात्रावासों का माहौल सुधारने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

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