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    राहुल गांधी के प्रयागराज आगमन से एक दिन पूर्व भाजपा ने व्यूह रचना की, फिरोज गांधी की कब्र पर फूल चढ़ाकर दागे सवाल

    By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:36 PM (IST)

    राहुल गांधी के प्रयागराज आगमन से पहले भाजपा ने उनके दादा फिरोज गांधी की कब्र पर फूल चढ़ाकर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने गांधी परिवार पर पूर्वजों के प्रत ...और पढ़ें

    फिरोज जहांगीर गांधी की प्रयागराज स्थित कब्र पर फूल चढ़ाने पहुंचे पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल व अन्य। जागरण

    फिरोज जहांगीर गांधी की प्रयागराज स्थित कब्र पर फूल चढ़ाने पहुंचे पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल व अन्य। जागरण  

    HighLights

    1. भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ने पूछा- दादा की मजार पर कब आएंगे राहुल

    2. पूर्व मंत्री ने कहा- जो अपने दादा का सम्मान नहीं करता, वह जेन-जी को क्या सीख देगा

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जंतर मंतर पर जेन-जी के आंदोलन के बाद राहुल गांधी छात्रों से संवाद के लिए संगम नगरी कल 8 अगस्त को आ रहे हैं। निश्चित ही वह भाजपा को कठघरे में खड़ा करेंगे। इससे पहले भाजपा ने भी उनके लिए व्यूह रचना की। पहली चाल फिरोज जहांगीर गांधी की कब्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल व पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने चली।

    'गांधी परिवार की अपने पूर्वजों के प्रति संवेदनहीनता'

    पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, जिस परिवार का देश की राजनीति में दशकों तक वर्चस्व रहा हो, वह अपने पूर्वजों को सम्मान देने से बचता है। जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी प्रधानमंत्री रहे। उनकी बहू सोनिया गांधी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की चेयरपर्सन रहीं। पौत्र राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं फिर भी फिरोज जहांगीर गांधी की कब्र वर्षों से अपने परिवार के लोगों से दो फूल के लिए तरस रही है। यह गांधी परिवार की अपने पूर्वजों के प्रति संवेदनहीनता और राजनीतिक अवसरवादिता को दर्शाता है।

    कांग्रेस व गांधी परिवार की कथनी और करनी में अंतर

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस और गांधी परिवार अपनी सुविधा के अनुसार पहचान प्रस्तुत करता है। यदि वे फिरोज की कब्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे तो वास्तविकता देश के सामने आ जाएगी। चुनावों के समय ये स्वयं को हिंदू और ब्राह्मण बताते हैं लेकिन उनकी कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। राजनीतिक लाभ के लिए पहचान तक बदलने से नहीं बाज आते।

    पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ ने भी उठाए सवाल 

    पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ ने कहा, प्रियंका और राहुल ने प्रयागराज आने पर क्यों कभी अपने दादा की कब्र पर आकर प्रणाम नहीं किया। क्या उनका सम्मान केवल दादी इंदिरा तक सीमित है? वह प्रधानमंत्री थीं इसलिए। भारतीय संस्कृति में बड़ों व पूर्वजों के सम्मान का संस्कार दिया जाता है। कुछ लोगों ने पारसी समाज के इस कब्रिस्तान के रख रखाव की ओर ध्यान आकर्षित कराया था, इसीलिए विधानसभा सत्र समाप्त होते ही मैं यहां आया। सिटी मजिस्ट्रेट व अपर नगर आयुक्त को साफ सफाई के साथ सभी व्यवस्थाओं को ठीक कराने के लिए निर्देशित किया गया है। कब्रिस्तान की देखभाल करने वाले केयरटेकर के मानदेय आदि को ठीक करने के लिए कहा गया है।

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