मई माह में दो पूर्णिमा: लोगों को लुभाएगा 'फ्लावर मून', ऊर्जा की अनुभूति कराएगा 16 कलाओं वाला 'ब्लू मून'
मई माह में दो पूर्णिमाएँ होंगी, पहली 'फ्लावर मून' और दूसरी 'ब्लू मून' कहलाएगी, जो खगोलीय दृष्टि से विशेष है। इस महीने उल्कापिंड वर्षा, ग्रहों की परेड ...और पढ़ें
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मई में लुभाएगा फ्लावर मून और ऊर्जा की अनुभूति कराएगा 16 कलाओं वाला ब्लूमून।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अमलेन्दु त्रिपाठी, प्रयागराज। खगोलीय घटनाओं की दृष्टि से मई खास है। इस महीने दो पूर्णिमा होगी। ऐसी घटना दो-तीन वर्ष के अंतराल पर होती है। पहली पूर्णिमा एक मई को पड़ेगी। इसमें चंद्रमा को फ्लावर मून की संज्ञा दी गई है। दूसरी पूर्णिमा 31 मई की रात होगी। इसे ब्लू मून कहते हैं। 2026 का यह माइक्रो मून है।
ऐसा तब होता है जब पूर्ण चंद्रमा अपने अपभू अर्थात पृथ्वी से सबसे अधिक दूर वाले बिंदु पर होता है। पूर्ण माइक्रोमून, पूर्ण सुपरमून की तुलना में करीब 12-14 प्रतिशत छोटा दिखाई देता है। यह 16 कलाओं वाले चंद्रमा को शुभ और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
खगोल विज्ञानियों ने मई की पूर्णिमा के चंद्रमा को अलग-अलग नाम दिए हैं। इसको कलियों वाला या पत्ते निकलने वाला चांद कहते हैं। यह पौधों की प्राकृतिक प्रक्रिया की पहचान का द्योतक है। इस चंद्रमा को जानवरों के व्यवहार से जोड़कर देखा जाता है। इसे अंडे देने वाला और मेंढक वाले चांद का उपनाम मिला है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के उत्तरी मैदानी इलाकों में पाए जाने वाली डकोटा और लकोटा जनजातियां इस महीने के चंद्रमा को बुवाई वाला चांद कहती थी। मूल अमेरिकी जनजातियों के समूह ओगलाला इसे पोनी के बाल झड़ने वाला चांद कहते थे।
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जवाहर तारामंडल की विज्ञानी सुरूर फातिमा के अनुसार उत्तरी गोलार्थ में मई में मौसम गर्म होता है इसलिए चंद्रमा के उपनाम सभी बातों को ध्यान में रखकर पड़े हैं। जैसे मई में फ्लावर मून, जून में स्ट्राबेरी मून और जुलाई के चंद्रमा को बग मून कहते हैं। नामकरण की शुरुआत पूर्वी कनाडा के अल्गोक्विन लोगों ने की थी।
उत्तरी अमेरिका में यूरोपीय प्रवासियों ने इन्हीं नामों को अपनाया। जोनाथन कार्वर ने अपनी किताब ट्रैवल्स थ्रू द इंटीरियर पार्ट्स आफ नार्थ अमेरिका में मई को फूलों का महीना कहा, इसलिए चंद्रमा फ्लावर मून पुकारा जाने लगा।
जब एक महीने में दो पूर्णिमा होती है तो दूसरी (पूर्णिमा) को ब्लू मून कहते हैं। अबकी ब्लू मून पूर्व दिशा में वृश्चिक तारामंडल के चमकीले तारे एंटारेस के पास दिखाई देगा।
कतार में होंगे बुध, शुक्र और बृहस्पति
मई महीने उल्कापिंड एटा एक्वेरिड भी देख सकेंगे। इसके लिए सबसे अच्छा समय पांच मई की भोर से ठीक पहले का है। चार, पांच, छह, 15 से 27 मई के बीच यह उल्का वर्षा होगी। मई के मध्य अर्थात 15-16 को ग्रहों की परेड होगी। बुध, शुक्र और बृहस्पति एक साथ शाम के समय दिखाई देंगे। इस महीने 13 मई को चंद्रमा, शनि के निकट, 15 को मंगल ग्रह, 17 को बुध, 19 को शुक्र और 20 को बृहस्पति ग्रह के करीब रहेगा।