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    लाखों रेलकर्मियों के लिए Good News : सुरक्षा से इतर छोटी गलतियों पर 'दुर्घटना रहित सेवा पुरस्कार' से नहीं होंगे वंचित

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sat, 01 Aug 2026 03:33 PM (IST)

    रेलवे बोर्ड ने 'दुर्घटना रहित सेवा पुरस्कार' के पात्रता नियमों को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। अब गैर-सुरक्षा से जुड़ी छोटी-मोटी विभागीय क ...और पढ़ें

    रेलवे बोर्ड ने रेलकर्मियों को 'दुर्घटना रहित सेवा पुरस्कार' को लेकर राहत दी है।

    रेलवे बोर्ड ने रेलकर्मियों को 'दुर्घटना रहित सेवा पुरस्कार' को लेकर राहत दी है।

    HighLights

    1. रेलवे बोर्ड ने इस अवार्ड के पात्रता नियमों को लेकर राहत भरा स्पष्टीकरण जारी किया

    2. ड्यूटी में मामूली चूक या छोटी पेनल्टी पर भी कर्मियों को यह पुरस्कार नहीं मिलता था

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रेलवे बोर्ड ने 'दुर्घटना रहित सेवा पुरस्कार' (Accident-Free Service Award) के पात्रता नियमों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरा स्पष्टीकरण जारी किया है। बोर्ड के इस कदम से देशभर के विभिन्न मंडलों और जोनों में तैनात लाखों रेल कर्मचारियों में खुशी की लहर है। अब गैर-सुरक्षा (Non-Safety) से जुड़ी छोटी-मोटी विभागीय कार्रवाई या माइनर पेनल्टी के आधार पर कर्मचारियों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से वंचित नहीं किया जाएगा।

    क्यों पड़ी स्पष्टीकरण की जरूरत?

    रेलवे बोर्ड के संज्ञान में यह बात आई थी कि देश के अलग-अलग जोनल रेलवे में इस पुरस्कार की पात्रता का आकलन करते समय नियमों की भिन्न-भिन्न व्याख्याएं की जा रही थीं। सफाई व्यवस्था, वाणिज्यिक (कमर्शियल) ड्यूटी में मामूली चूक या फिर सामान्य प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी छोटी पेनल्टी (Minor Penalty) मिलने पर भी कर्मचारियों का एक्सीडेंट-फ्री अवॉर्ड रोक दिया जाता था या उसमें कटौती कर दी जाती थी। विभिन्न रेल कर्मचारी यूनियनों और संगठनों ने इस असंगति को लेकर बोर्ड के समक्ष कड़ा ऐतराज जताया था और नियमों में स्पष्टता की मांग की थी।

    बड़ी कार्रवाई पर नहीं मिलेगा पुरस्कार 

    मामले की समीक्षा के बाद रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सुरक्षा) अशोक कुमार नाकरा की ओर से जारी नए दिशानिर्देशों में स्थिति पूरी तरह साफ कर दी गई है।

    मेजर पेनल्टी (बड़ी विभागीय कार्रवाई) : यदि किसी कर्मचारी को किसी भी प्रकार का गंभीर दंड या मेजर पेनल्टी मिली है, तो वह इस पुरस्कार के लिए पूरी तरह अपात्र रहेगा।

    सुरक्षा से जुड़ी माइनर पेनल्टी : छोटी गलतियों या माइनर पेनल्टी के मामले में केवल वही प्रकरण ध्यान में रखे जाएंगे, जिनका सीधा संबंध रेल दुर्घटना, संरक्षा नियमों की अनदेखी या सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से हो।

    गैर-सुरक्षा माइनर पेनल्टी से राहत : सफाई, कमर्शियल ड्यूटी, वेंडर मैनेजमेंट या संरक्षा से इतर अन्य प्रशासनिक कार्यों में चूक के चलते दी गई माइनर पेनल्टी को पुरस्कार की पात्रता तय करते समय पूरी तरह से नजरअंदाज किया जाएगा।

    देशभर में लागू होगी एक समान व्यवस्था

    रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को निर्देश जारी किया है कि दुर्घटना रहित सेवा पुरस्कार के प्रस्तावों को संसाधित करते समय इन नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य पूरे देश के रेल नेटवर्क में इस नीति के क्रियान्वयन को लेकर एकरूपता और पारदर्शिता बनाए रखना है, ताकि किसी निष्ठावान कर्मचारी का हक न मरे।

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