गंगा एक्सप्रेसवे के इंडस्ट्रियल काॅरिडोर की जमीन का बढ़ा मुआवजा, प्रयागराज के किसानों को होगा अधिक लाभ
प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे औद्योगिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा दिया गया है। सोरांव तहसील के चार गांवों में नया सर्किल रेट लागू हो ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेसवे।
HighLights
प्रयागराज जिले के सोरांव तहसील के चार गांवों में नया सर्किल रेट लागू
तीन गांवों का सर्किल रेट पहले था कम, अब विसंगति दूर करने की हुई कोशिश
अभी तक किसान नहीं दे रहे थे अपनी जमीन, अब तेजी से भूमि का होगा बैनामा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल कारिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज होने की उम्मीद है। दरअसल, कारिडोर की भूमि का अब मुआवजा बढ़ा दिया गया है। प्रयागराज के सोरांव तहसील क्षेत्र में जहां से गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना शुरू हुई है, वहां के पास जूड़ापुर दांदू, बारी, सराय खातून उर्फ शिवगढ़ व माधोपुर मलाक चतुरी गांवों में इंडस्ट्रियल कारिडोर विकसित किया जाएगा।
सर्किल रेट में विसंगति से जमीन देने से मना किए
इन गांवों में लगभग 101 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जानी थी। चारों गांवों की जमीन का सर्किल रेट में विसंगति होने से किसान अपनी जमीन देने से इन्कार कर दिए थे। इस पर जिला प्रशासन की ओर से शासन के अधिकारियों से वार्ता की गई। किसानों के प्रतिनिधियों से भी कई दौर की अधिकारियों से वार्ता हुई।
खास-खास
- 101 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी कारिडोर के लिए, अभी 55 प्रतिशत भूमि पर सहमति
- 35 फीसद भूमि अभी तक खरीद ली गई यूपीडा द्वारा, अब तेजी से होगी इसकी प्रक्रिया।
इन गांवों का भी सर्किट रेट बढ़ाया गया
बारी गांव का सर्किल रेट 34 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तो सराय खातून का रेट 78 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर था। अब तय हुआ कि बारी गांव का भी सर्किल रेट बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा जूड़ापुर दांदू और मलाक चतुरी का भी रेट बढ़ा दिया गया है। रेट बढ़ाए जाने से ही अब जमीन के बैनामे की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
सर्किल रेट बढ़ने से मुआवजा राशि भी बढ़ेगी
अभी तक 38 प्रतिशत ही कारिडोर के लिए जमीन ली जा सकी है, जिसमें 35 प्रतिशत का बैनामा हो सका है। सर्किल रेट बढ़ने से मुआवजा राशि भी बढ़ेगी, जिसके चलते शनिवार तक 55 प्रतिशत जमीन को लेकर किसानों से सहमति बन गई है। अगले हफ्ते पूरी जमीन की सहमति हो जाएगी। उप निबंधक सोरांव विभा द्विवेदी ने बताया कि इन गांवों में नया सर्किल रेट लागू कर दिया गया है।
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किसानों, किसान संगठनों की मांग पर सर्किल रेट बढ़ा
भू-अध्याप्ति अधिकारी तथा एडीएम नमामि गंगे संजीव शाक्य ने बताया कि किसानों तथा उनके संगठनों के प्रतिनिधियों की मांग पर शासन से अनुमति लेकर सर्किल रेट बढ़ाया गया है। यूपीडा के सहायक अभियंता नरेंद्र शुक्ला ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद तेजी से विकास कार्य कराए जाएंगे, जिसके बाद कारिडोर में इंडस्ट्रियल प्लाट विकसित होंगे, जिन्हें आवंटित किया जाएगा।
चारों गांवों में बढ़ा हुआ सर्किल रेट (लाख प्रति हेक्टेयर में)
गांव-राज्य मार्ग-जनपद मार्ग-लिंक मार्ग-आबादी-सामान्य
जूड़ापुर दांदू-66-55-42-44-35
बारी-66-55-42-44-35
मलाक चतुरी-66-55-42-44-35
सराय खातून-150-125-97-100-80
चारों गांवों में पहले का सर्किल रेट (लाख प्रति हेक्टेयर में)
गांव-राज्य मार्ग-जनपद मार्ग-लिंक मार्ग-आबादी-सामान्य
जूड़ापुर दांदू-60-45-35.5-37.50-30
बारी-60-49-38.20-41.50-33.20
मलाक चतुरी-60-45-34.50-42-30
सराय खातून-130-118-91-99-79
प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर बदलेंगे इंडस्ट्रियल कारिडोर
गंगा एक्सप्रेसवे के पास प्रयागराज समेत 11 जिलों में औद्योगिक कारिडोर विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य है कि एक्सप्रेसवे के आसपास के ग्रामीण इलाकों में उद्योग, लाजिस्टिक्स और कृषि आधारित कारोबार को बढ़ावा मिले और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। प्रयागराज में जहां एक्सप्रेसवे शुरू हुआ है, वहां औद्योगिक और लाजिस्टिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र विकसित किया जाएगा।
औद्योगिक क्लस्टर अर्थव्यवस्था को नया आधार देगा
रायबरेली और प्रतापगढ़ में औद्योगिक क्लस्टर अर्थव्यवस्था को नया आधार देगा। यहां डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों के साथ लाजिस्टिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। औद्योगिक कारिडोर का फायदा यह होगा कि विकास सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांवों और छोटे कस्बों तक पहुंचेगा। सड़क, उद्योग, वेयरहाउस और लाजिस्टिक पार्क एक साथ विकसित होने पर नई आर्थिक गतिविधियां जन्म लेंगी। छोटे कारोबार, ट्रांसपोर्ट सेवाएं, होटल-ढाबे और स्थानीय बाजार के तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।