'अनुसंधान में अग्रणी बनने को सलाह लेने के बजाय देने वाला बनें विश्वविद्यालय ', राज्यपाल आनंदीबेन ने प्रयागराज में दी सीख
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रयागराज विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में विश्वविद्यालयों को अनुसंधान में अग्रणी बनने और सरकारों को सलाह देने का आह्वान क ...और पढ़ें

प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय, प्रयागराज के दीक्षा समारोह में विचार व्यक्त करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। जागरण
HighLights
बोलीं- यदि शिक्षक ने गलत मूल्यांकन किया है तो जवाबदेही तय हो, उसके वेतन में कटौती भी हो
राज्यपाल ने उच्च शिक्षा, शोध, मूल्यांकन व्यवस्था व डिजिटल शिक्षा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय के नवम दीक्षा समारोह में शामिल हुईं कुलाधिपति
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय के नवम दीक्षा समारोह में गुरुवार को कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उच्च शिक्षा, शोध, मूल्यांकन व्यवस्था और डिजिटल शिक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत में शोध की प्रवृत्ति चिंताजनक रूप से कम है। अब समय आ गया है कि विश्वविद्यालय सरकारों से सलाह लेने वाले नहीं बल्कि उनको नीति और विकास के लिए सलाह देने वाले संस्थान बनें।
विश्वविद्याल अनुसंधान, नवाचार का केंद्र बनें
उन्होंने कहा कि विकसित देशों में विश्वविद्यालय अपने शोध और नवाचार के आधार पर सरकारों को बताते हैं कि देश के विकास के लिए क्या बेहतर किया जा सकता है? जबकि भारत में अक्सर सरकारों को ही विश्वविद्यालयों को दिशा देनी पड़ती है। यह स्थिति बदलनी चाहिए। विश्वविद्यालयों को अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक समस्याओं के समाधान का केंद्र बनना होगा।
गलत मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों पर राज्यपाल सख्त
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को अब मुद्रित (प्रिंटेड) मार्कशीट देना बंद कर देनी चाहिए ताकि विद्यार्थी डिजिलाकर से ही अपनी अंकतालिका डाउनलोड करें। इससे मार्कशीट छपवाने पर होने वाला भारी खर्च भी बचेगा। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक द्वारा गलत मूल्यांकन किया गया है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और उसके वेतन में कटौती भी की जानी चाहिए।
मेधावियों को उपाधियां
समारोह में कुल 81,822 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 61,753 स्नातक और 20,129 परास्नातक छात्र-छात्राएं शामिल रहे। विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 242 मेधावियों को सम्मानित किया गया। इनमें 73 स्वर्ण, 82 रजत और 87 कांस्य पदक प्रदान किए गए। पदक प्राप्त करने वालों में 66.53 प्रतिशत छात्राएं और 33.47 प्रतिशत छात्र रहे, जो उच्च शिक्षा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। समारोह में परास्नातक जीव विज्ञान की छात्रा शिप्रा यादव को सर्वोच्च सम्मान कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने दीक्षा भाषण दिया। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी और कुलपति ने संबोधित किया।