Indian Railways व केंद्र सरकार के स्वास्थ्य कर्मियों का रोगी देखभाल भत्ता 25% बढ़ा, एक जनवरी 2024 से मिलेगा एरियर
केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे के अस्पतालों में कर्मचारियों के लिए एचपीसीए/पीसीए भत्ते में 25% की वृद्धि को मंजूरी मिली है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2024 से प ...और पढ़ें

रेलवे और केंद्र सरकार के स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों की देखभाल के लिए भत्ते में वृद्धि होगी।
HighLights
स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगी जनवरी 2024 से अब तक का बकाया भत्ता
रेलवे के साथ केंद्र सरकार के अस्पताल, औषधालय कर्मी होंगे लाभान्वित
अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। केंद्र सरकार और भारतीय रेलवे के अस्पतालों, औषधालयों तथा स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों में तैनात पात्र कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अस्पताल रोगी देखभाल भत्ता (एचपीसीए) और रोगी देखभाल भत्ता (पीसीए) की मौजूदा दरों में 25 प्रतिशत की वृद्धि को हरी झंडी दे दी है। महंगाई भत्ता (डीए) 50 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर जाने के कारण यह संशोधन किया गया है। भत्ते में की गई यह बढ़ोतरी एक जनवरी 2024 से प्रभावी मानी जाएगी।
इस फैसले से इन कर्मियों को होगा फायदा
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस आदेश का सीधा आर्थिक फायदा रेलवे सहित केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग कर्मियों और अन्य गैर-मंत्रालयी स्वास्थ्य कर्मचारियों को मिलेगा। उत्तर मध्य रेलवे के केंद्रीय अस्पताल समेत मंडलीय स्वास्थ्य केंद्रों में भी इस सुविधा से रेलकर्मी लाभान्वित होंगे।
दो श्रेणियों में किया जाएगा भुगतान
संशोधित दरों के तहत सातवें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स के अनुसार दो मुख्य श्रेणियों में भुगतान किया जाएगा। पे-मैट्रिक्स लेवल-एक से लेवल-आठ तक के पात्र स्वास्थ्य कर्मियों को अब 4,100 रुपये के स्थान पर 5,125 रुपये प्रति माह एचपीसीए/पीसीए मिलेगा। वहीं, पे-मैट्रिक्स लेवल-नौ और उससे ऊपर के पात्र कर्मचारियों के लिए यह भत्ता 5,300 रुपये से बढ़ाकर 6,625 रुपये प्रति माह तय किया गया है। यह वृद्धि एक जनवरी 2024 से लागू की गई है, इसलिए कर्मचारियों को पिछले महीनों का बकाया (एरियर) भी एकमुश्त प्रदान किया जाएगा।
भत्ते से जुड़ी अन्य शर्तें पहले की तरह ही लागू
उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि पत्र आया है, उसी के अनुरूप भत्ता का लाभ मिलेगा। भत्ते से जुड़ी अन्य शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी। यदि कोई कर्मचारी एक कैलेंडर माह से अधिक समय के लिए छुट्टी या प्रशिक्षण पर रहता है, तो उस अवधि का भत्ता नहीं मिलेगा। इसके अलावा अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को भी इस भत्ते का लाभ नहीं दिया जाएगा।