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    Indian Railways : 30 जून को रिटायर होने वाले लाखों रेलकर्मियों को मिलेगा इंक्रीमेंट का लाभ, पेंशन में होगी तगड़ी बढ़ोतरी

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 17 Jul 2026 02:20 PM (GMT+05:30)

    रेलवे बोर्ड ने 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले लाखों रेलकर्मियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ देने का आदेश जारी किया है। इससे उनकी मासिक पेंशन में उल ...और पढ़ें

    रेलवे बोर्ड ने 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले रेलकर्मियों के हित में बड़ा फैसला लिया है।

    रेलवे बोर्ड ने 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले रेलकर्मियों के हित में बड़ा फैसला लिया है।

    HighLights

    1. रेलवे बोर्ड का नया आदेश जारी, 16 जून को सभी जोनल रेलवे जीए को जारी किया पुन: निर्देश

    2. सभी लंबित मामलों की जांच की जाएगी, जिन्हें 'नोशनल इंक्रीमेंट' का लाभ मिलना बाकी है

    3. पूरे देश में एक समान रूप से लागू होगी व्यवस्था, लाखों रेल कर्मचारियों को मिलता रहेगा लाभ

    अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। 30 जून को सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाले देश भर के लाखों रेल कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही शानदार और बड़ी खुशखबरी है। वर्षों तक रेलवे की सेवा करने के बाद 30 जून को रिटायर हुए रेलकर्मियों को अब उनके रिटायरमेंट और पेंशन लाभों में एक अतिरिक्त वार्षिक वेतन वृद्धि (सालाना इंक्रीमेंट) का फायदा जोड़कर दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड के इस ऐतिहासिक फैसले से पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होने वाली है।

    16 जुलाई को दाेबारा जारी हुआ आदेश

    इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने एक के बाद एक कड़े कदम उठाए हैं। पहले 20 फरवरी 2026 को एक पत्र जारी किया गया था, और अब ताजा अपडेट यह है कि 16 जुलाई 2026 को रेलवे बोर्ड ने एक और नया व बेहद सख्त आदेश जारी कर दिया है। यह नया आदेश रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (वेतन आयोग और एचआरएमएस) जया कुमार जी द्वारा जारी किया गया है। उन्होंने उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) सहित देश के सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों (कार्मिक) और मुख्य वित्तीय सलाहकारों को इस व्यवस्था को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है।

    इंक्रीमेंट के लाभ से वंचित रह जाते थे रेलकर्मी

    रेलवे नियमों के मुताबिक, कर्मचारियों का सालाना इंक्रीमेंट हर साल एक जुलाई को देय होता है। ऐसे में जो कर्मचारी अपनी पूरी सेवा समाप्त करके ठीक एक दिन पहले यानी 30 जून को रिटायर हो जाते थे, वे तकनीकी रूप से एक जुलाई को नौकरी में नहीं होने के कारण इस इंक्रीमेंट के लाभ से वंचित रह जाते थे। कर्मचारियों को लगता था कि पूरे साल ईमानदारी से काम करने के बावजूद सिर्फ एक दिन के अंतर से उनका बड़ा नुकसान हो गया, क्योंकि इसी आखिरी इंक्रीमेंट से उनकी पेंशन और अन्य फंड तय होने थे।

    एक जुलाई वाला इंक्रीमेंट जोड़कर लाभ दिया जाएगा

    इस विसंगति के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई चली और माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और डीओपीटी (DOPT) के दिशा-निर्देशों के क्रम में रेलवे बोर्ड ने इसे 'नोशनल इंक्रीमेंट' (काल्पनिक वेतन वृद्धि) के रूप में देने का फैसला किया। यानी भले ही कर्मचारी 30 जून को रिटायर हो गया हो, लेकिन पेंशन की गणना के लिए उसे एक जुलाई वाला इंक्रीमेंट जोड़कर लाभ दिया जाएगा।

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    रेलवे बोर्ड के पास शिकायतें-आवेदन आ रहे थे 

    दरअसल, रेलवे बोर्ड ने 20 फरवरी 2026 को कार्यकारी निदेशक (वेतन आयोग) संदीप पाल के माध्यम से एक आदेश जारी कर सभी जोनों को पात्र पेंशनभोगियों की एक समेकित (कंसोलिडेटेड) लिस्ट बनाने के लिए कहा था। इसके बावजूद कई मंडलों और जोनों में काम की रफ्तार धीमी रही, जिसके कारण रेलवे बोर्ड के पास लगातार शिकायतें और आवेदन (रिप्रेजेंटेशन) पहुंच रहे थे।

    16 जुलाई के नए आदेश में क्या है खास?

    इसी को देखते हुए संयुक्त निदेशक जया कुमार ने 16 जुलाई 2026 को एक अत्यंत महत्वपूर्ण पत्र जारी किया। इस नए आदेश में साफ कहा गया है कि लंबित मामलों का तुरंत निपटारा करिए। बोर्ड ने कहा है कि सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स बिना किसी देरी के उन सभी लंबित मामलों की जांच करें और उन्हें अंतिम रूप दें जहां 'नोशनल इंक्रीमेंट' का लाभ मिलना बाकी है।

    बोर्ड का स्पष्ट निर्देश

    समयबद्ध सीमा : इस पूरी प्रक्रिया को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि बुजुर्ग पेंशनभोगियों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
    मुकदमों पर रोक: रेलवे बोर्ड का मानना है कि यदि समय पर कर्मचारियों को उनका हक मिल जाएगा, तो अनावश्यक मुकदमों का बोझ भी कम होगा।

    कैसे और किसे मिलेगा इसका लाभ?

    रेलवे प्रशासन के अनुसार, जो कर्मचारी 30 जून को रिटायर हुए थे, उनकी सूची तैयार होने के बाद उनके पीपीओ (पेंशन पेमेंट ऑर्डर) में सुधार (संशोधन) किया जाएगा। पीपीओ संशोधित होने के बाद कर्मचारियों की न सिर्फ मासिक पेंशन बढ़ जाएगी, बल्कि उनका जो भी एरियर (बकाया वित्तीय भुगतान) बनता है, वह भी चरणबद्ध तरीके से उनके खातों में भेज दिया जाएगा।

    एनसीआर के सीपीआरओ ने क्या कहा?

    उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुक्रम में पहले से ही इस व्यवस्था को धरातल पर उतारने का काम तेजी से किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के इस नए और कड़े रुख के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ ही हफ्तों में सभी पात्र पेंशनभोगियों के खातों में बढ़ा हुआ पैसा और एरियर आना शुरू हो जाएगा, जिससे उन्हें बुढ़ापे में एक बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा।

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