Indian Railways की कंस्ट्रक्शन विंग के अधिकारियों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू, 5 से 7 वर्ष का कार्यकाल तय
रेलवे बोर्ड ने निर्माण विंग के अधिकारियों के लिए नई तबादला नीति लागू की है, जिसमें उनका कार्यकाल अब 5 से 7 वर्ष तक होगा।

रेलवे के निर्माण विंग में अब पांच से सात वर्ष तक अफसरों का तबादला नहीं होगा।
HighLights
रेलवे बोर्ड ने कंस्ट्रक्शन आर्गनाइजेशन के ढांचे में व्यापक सुधार करते हुए नई नीति लागू की है
देशभर में रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए बोर्ड का बड़ा कदम
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। देशभर में रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा करने और बार-बार होने वाले तबादलों से काम में आने वाली रुकावट को खत्म करने के लिए रेलवे बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने निर्माण संगठन (कंस्ट्रक्शन आर्गनाइजेशन) के ढांचे में व्यापक सुधार करते हुए एक नई नीति लागू की है।
प्रोजेक्ट पूरा होने तक अफसर जिम्मेदारी से जुड़े रहेंगे
इसके तहत निर्माण विंग में तैनात होने वाले अधिकारियों का कार्यकाल अब सामान्य तौर पर पांच साल का रहेगा, जिसे प्रोजेक्ट की आवश्यकतानुसार सात साल तक बढ़ाया जा सकेगा।अब तक किसी प्रोजेक्ट के बीच में ही अधिकारियों का तबादला हो जाने से काम की गति धीमी पड़ जाती थी। नई नीति के लागू होने से अफसरों की जवाबदेही तय होगी और प्रोजेक्ट पूरा होने तक वे उसी जिम्मेदारी से जुड़े रहेंगे।
अधिकारियों का योग्यता व अनुभव के आधार पर चयन
निर्माण विंग में अधिकारियों की तैनाती भी अब सीधे नहीं होगी। इसके लिए 'सेंट्रल सेलेक्शन बोर्ड' का गठन किया गया है। इच्छुक अधिकारी एक विशेष पोर्टल पर आवेदन करेंगे और बोर्ड उनकी योग्यता व पिछले अनुभव के आधार पर चयन करेगा।
तीन सप्ताह का प्रशिक्षण अनिवार्य
योजनाओं में आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग हो सके, इसके लिए अधिकारियों को गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) से दो से तीन सप्ताह का अनिवार्य प्रशिक्षण लेना होगा और परीक्षा पास करनी होगी। इसमें उन्हें प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, डिजिटल ट्विन्स, टनल, ब्रिज और एआई टूल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा, जमीन अधिग्रहण और वन विभाग से जुड़ी स्वीकृतियों में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए प्रत्येक जोनल रेलवे में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) और राजस्व अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जाएगा।
तीन जोनल रेलवे में पोस्टिंग का विकल्प भी मिलेगा
बोर्ड के संयुक्त सचिव टी. श्रीनिवास ने बताया कि इस बदलाव के साथ दूरदराज के क्षेत्रों में काम करने वाले अफसरों को प्री-फैब्रिकेटेड आवास और पांच साल का कार्यकाल पूरा करने पर पसंद के तीन जोनल रेलवे में पोस्टिंग का विकल्प भी मिलेगा।
