रेलवे के प्वाइंट्समैन कैडर को अब लेवल-पांच तक मिलेगा पदोन्नति और उच्च वेतन, पुनर्गठन को मिली मंजूरी
भारतीय रेलवे ने प्वाइंट्समैन कैडर के पुनर्गठन को मंजूरी दी है, जिससे 66,388 कर्मचारियों को लेवल-पांच तक पदोन्नति और उच्च वेतन मिलेगा। यह नई व्यवस्था 3 ...और पढ़ें

भारतीय रेलवे के परिचालन विभाग में हजारों प्वाइंट्समैन की पदोन्नति और उच्च वेतन का लाभ मिलेगा।
HighLights
तीन अप्रैल 2026 से ही प्रभावी होगी व्यवस्था
66,388 पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को लाभ
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय रेलवे के परिचालन विभाग में धरातल पर काम करने वाले हजारों प्वाइंट्समैन की पदोन्नति और उच्च वेतन का द्वार खोलते हुए प्वाइंट्समैन कैडर के पुनर्गठन यानी रिस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी मिल गई है। इसके विस्तृत निर्देश छह अगस्त को जारी कर दिए गए हैं। इससे लंबे समय से एक ही पद पर ठहरे कर्मचारियों को सीधे उच्च वेतनमान और पदोन्नति का लाभ मिलेगा।
प्वाइंटमैन कैडर चार श्रेणियों में विभाजित
देश भर के क्षेत्रीय रेलवे और उत्पादन इकाइयों में स्वीकृत कुल 66,388 पदों के लिए नई कैडर संरचना तैयार की गई है। इसके तहत पूरे प्वाइंटमैन कैडर को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें सबसे निचला पद प्वाइंटमैन ग्रेड-चार (लेवल-एक) होगा, जिसके तहत 36,214 पद (54.55%) रखे गए हैं। इसके ऊपर प्वाइंटमैन ग्रेड-तीन (लेवल-दो) के 18,105 पद (27.27%) निर्धारित हैं।
पदोन्नति को दो नए उच्च स्तर सृजित
कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए दो नए उच्च स्तर सृजित किए गए हैं। इनमें प्वाइंटमैन ग्रेड-दो (लेवल-चार) के 9,052 पद (13.63%) और सर्वोच्च पद के रूप में प्वाइंटमैन ग्रेड-एक (लेवल-पांच) के 3,017 पद (4.54%) शामिल हैं। नई व्यवस्था में 'प्वाइंटमैन-बी' को प्वाइंटमैन ग्रेड-चार तथा 'प्वाइंटमैन-ए' को प्वाइंटमैन ग्रेड-तीन के रूप में पुनर्नामित किया गया है। इस पुनर्गठन में प्वाइंटमैन, ट्रैफिक गेटमैन, केबिनमैन, स्विचमैन और लीवरमैन के पदों पर कार्यरत कर्मचारी शामिल होंगे।
न्यूनतम दो वर्ष की सेवा अवधि अनिवार्य
यह पूरी व्यवस्था तीन अप्रैल 2026 की कटऑफ तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। इस तिथि तक कैडर में कार्यरत कर्मचारियों का वेतन तीन अप्रैल 2026 से ही उच्च लेवल में तय किया जाएगा। पदोन्नति के लिए न्यूनतम दो वर्ष की सेवा अवधि अनिवार्य होगी।
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इस फैसले से ग्राउंड स्टाफ का बढ़ेगा मनोबल
संयुक्त निदेशक (पे कमीशन एवं एचआरएमएस) जया कुमार जी. ने बताया कि ग्रेड-दो और ग्रेड-एक के पदों को वरिष्ठता के आधार पर बिना किसी परीक्षा के भरा जाएगा। योजना को वित्तीय रूप से संतुलित रखने के लिए लेवल-दो के 3,770 पदों को समर्पित किया गया है। इस फैसले से झंडी दिखाने, पटरी बदलने और शंटिंग का महत्वपूर्ण कार्य करने वाले ग्राउंड स्टाफ का मनोबल काफी बढ़ेगा।
पहले क्या थी स्थिति?
पुनर्गठन से पहले प्वाइंटमैन केवल दो पदों (प्वाइंटमैन-बी और ए) में सीमित थे। प्वाइंटमैन-बी (लेवल-एक) से कर्मचारी केवल प्वाइंटमैन-ए (लेवल-दो) तक ही पहुंच पाते थे। इसके आगे पदोन्नति का कोई पद सृजित न होने के कारण कई कर्मचारी अपने करियर के 20-25 साल एक ही पद पर बिताने के बाद इसी लेवल-दो से सेवानिवृत्त हो जाते थे। अब दो नए पद (लेवल-चार व पांच) जुड़ने से उन्हें बिना कठिन परीक्षा सीधे प्रमोशन और उच्च वेतन का लाभ मिलेगा।