Indian Railways : सावन में ट्रेन की सीट पर मिलेगा शुद्ध सात्विक भोजन और व्रत की विशेष थाली, यात्री ऐसे कर सकेंगे बुक
भारतीय रेलवे सावन के पावन माह में शिवभक्तों के लिए ट्रेनों में शुद्ध सात्विक भोजन और व्रत की विशेष थाली उपलब्ध कराएगा। यात्री 30 जुलाई से ई-कैटरिंग या ...और पढ़ें

सावन में रेलवे का शिवभक्त यात्रियों को तोहफा, ट्रेनों में शुद्ध सात्विक भोजन और व्रत थाली मिलेगी।
HighLights
30 जुलाई से ट्रेनों और स्टेशनों पर शुद्ध सात्विक भोजन और व्रत की विशेष थाली परोसी जाएगी
आरआरसीटीसी सावन यात्रियों की मांग पर बिना लहसुन-प्याज का भोजन व व्रत थाली परोसेगा
'ई-कैटरिंग' सेवा या फिर मोबाइल एप के जरिए यात्री करें सात्विक भोजन व व्रत थाली की बुकिंग
अमरीश मनीष शुक्ला, प्रयागराज। सावन के पावन माह में देश के करोड़ों शिवभक्तों और कांवरियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक बहुत बड़ा और अनोखा उपहार दिया है। अगर आप इस सावन बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए ट्रेन से यात्रा करने की सोच रहे हैं, तो अब आपको रास्ते में शुद्ध और सात्विक भोजन की चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
आइआरसीटीसी परोसेगा थाली
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आरआरसीटीसी) ने फैसला किया है कि पूरे सावन के महीने में यात्रियों की मांग पर ट्रेनों और स्टेशनों पर बिना लहसुन-प्याज का पूरी तरह शुद्ध सात्विक भोजन और व्रत की विशेष थाली परोसी जाएगी।
देश के हर रेलवे रूट पर होगी सुविधा
यह सुविधा 30 जुलाई से देश के किसी एक कोने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर लागू की जा रही है। सावन में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए निकलते हैं। चाहे आप गुजरात के सोमनाथ (वेरावल) जा रहे हों, आंध्र प्रदेश के मल्लिकार्जुन (श्रीशैलम), या मध्य प्रदेश के महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर के दर्शन की राह पर हों। उत्तर भारत में उत्तराखंड के केदारनाथ, महाराष्ट्र के भीमाशंकर, त्र्यंबकेश्वर और घृष्णेश्वर जाने वाले भक्तों के लिए भी रेलवे की यह सेवा उपलब्ध रहेगी।
शिवभक्तों व कांवरियों को होगी सुविधा
वहीं झारखंड के वैद्यनाथ धाम (देवघर), उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ (वाराणसी) और दक्षिण के पावन रामेश्वरम (तमिलनाडु) की यात्रा करने वाले करोड़ों कांवरियों को सीधे उनकी सीट पर ही बिना लहसुन-प्याज का पवित्र भोजन मिल सकेगा।
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फूड प्लाजा, ट्रेनों की पेंट्री कार में होगा प्रबंध
आइआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि सावन के दौरान पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। श्रद्धालु लहसुन और प्याज का त्याग कर देते हैं। इसी आस्था का सम्मान करते हुए रेलवे स्टेशनों पर स्थित फूड प्लाजा और ट्रेनों की पेंट्री कार में विशेष तौर पर बिना लहसुन-प्याज के भोजन की व्यवस्था की गई है।
व्रत थाली का भी इंतजाम
इसके अलावा, जो श्रद्धालु सावन में सोमवार का व्रत रखते हैं या पूरे महीने उपवास पर रहते हैं, उनके लिए विशेष 'व्रत थाली' का इंतजाम भी होगा। इस थाली में साबूदाना की खिचड़ी, सेंधा नमक से बनी चीजें, कुट्टू के आटे की पूरियां, दही और ताजे फल शामिल होंगे।
रेलवे स्टेशनों पर खान-पान के सात्विक स्टॉल होंगे
धार्मिक नगरी प्रयागराज की बात करें तो यहां संगम से पवित्र जल भरकर बड़ी संख्या में शिवभक्त काशी विश्वनाथ, महाकाल उज्जैन, झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम के साथ ही स्थानीय स्तर पर बेलखरनाथ धाम (प्रतापगढ़), पांडेश्वर नाथ धाम और मनकामेश्वर धाम के लिए प्रस्थान करते हैं। प्रयागराज, कानपुर, गया, भागलपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर, जहां से कांवरियों की भारी आवाजाही होती है, वहां खान-पान के विशेष सात्विक स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
'ई-कैटरिंग' सेवा या मोबाइल एप के जरिए करें बुकिंग
यात्रियों को यह सात्विक भोजन पाने के लिए बस एक छोटा सा काम करना होगा। वे यात्रा के दौरान आइआरसीटीसी की 'ई-कैटरिंग' सेवा या मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन ऑर्डर बुक कर सकते हैं, जिसके बाद शुद्धता और स्वच्छता के साथ तैयार किया गया यह भोजन सीधे उनकी सीट पर डिलीवर कर दिया जाएगा। सावन में भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई विशेष ट्रेनें चलाने का भी फैसला किया है, जिनकी समय सारिणी इसी महीने जारी हो जाएगी। रेलवे के इस कदम से देश भर के शिवभक्तों में भारी उत्साह है, क्योंकि अब उनकी भक्ति और आस्था का सफर बेहद सुगम और पवित्र होने जा रहा है।