Indian Railways : अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी विभागीय जांच, सामान्य दिनों में भी ऑनलाइन सुनवाई को हरी झंडी
रेलवे बोर्ड ने अब सामान्य दिनों में भी विभागीय जांचों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराने की अनुमति दे ...और पढ़ें

रेलवे विभागीय जांच वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करेगा।
HighLights
रेलवे बोर्ड ने जारी किए स्पष्ट निर्देश, दूरी व गैरहाजिरी के बहानों पर ब्रेक
रेलवे के वर्षों लटकने वाले मामलों का अब जल्द हो सकेगा निपटारा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रेलवे में अब अनुशासनिक जांच (डिसिप्लिनरी इन्क्वायरी) के नाम पर फाइलों को लटकाने और महीनों तारीख बटोरने का दौर खत्म होने जा रहा है। रेल प्रशासन ने जांच प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल रास्ता पूरी तरह खोल दिया है। रेलवे बोर्ड के नए स्पष्टीकरण के तहत अब कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ चलने वाली विभागीय जांच सीधे वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से पूरी की जा सकेगी।
अब तक आम तौर पर यह माना जाता था कि डिजिटल माध्यम से सुनवाई केवल महामारी या किसी प्राकृतिक आपदा जैसी आपात स्थिति में ही हो सकती है। रेलवे बोर्ड ने इस भ्रम को पूरी तरह दूर कर दिया है। बोर्ड ने 12 अगस्त को अपने नए आदेश में स्पष्ट किया है कि नियमों में ऐसी कोई बाध्यता नहीं है। सक्षम अनुशासनिक प्राधिकारी (डीए) अब सामान्य दिनों में भी फाइल पर केवल लिखित कारण दर्ज कर पूरी जांच या उसके किसी हिस्से को वीडियो कांफ्रेंसिंग से संचालित करा सकेंगे।
इस आदेश से कई बड़े बदलाव होंगे। बहानेबाजी पर रो लग जाएगी। दूर-दराज के स्टेशनों पर तैनाती, तबादले या जांच अधिकारी व गवाहों की अनुपलब्धता का बहाना बनाकर अब सुनवाई नहीं टाली जा सकेगी। कर्मचारियों और अफसरों को जांच के लिए लंबी यात्राएं नहीं करनी पड़ेंगी।सालों तक जांच लटकने से जिन निर्दोष कर्मचारियों के प्रमोशन और इंक्रीमेंट रुके रहते थे, उनके मामलों का भी अब तय समयसीमा में फैसला हो सकेगा।
रेलवे बोर्ड की निदेशक (स्थापना/डीएंडए) प्रिया गोपालकृष्णन ने बताया कि आनलाइन सुनवाई के दौरान भी प्राकृतिक न्याय के नियमों का पूरा पालन अनिवार्य होगा, ताकि कर्मचारी को अपना पक्ष रखने और गवाहों से जिरह करने का निष्पक्ष मौका मिले।
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