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    Indian Railways : रेलयात्रियों के लिए खुशखबरी, LSLRD कोच में अब उपलब्ध होंगी रोजाना 6,000 अतिरिक्त सीटें

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sat, 04 Jul 2026 11:30 PM (IST)

    भारतीय रेलवे ने दुरंतो जैसी ट्रेनों के एलएसएलआरडी कोच में 6,000 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराने का फैसला किया है, जिससे यात्रियों को '2एच' क्लास के तहत कि ...और पढ़ें

    LSLRD कोच में अब रोजाना 6,000 अतिरिक्त सीटें रेलयात्रियों को उपलब्ध होंगी।

    LSLRD कोच में अब रोजाना 6,000 अतिरिक्त सीटें रेलयात्रियों को उपलब्ध होंगी।

    HighLights

    1. रेलयात्रियों को सफर में अतिरिक्त बर्थ और सीटें मिलेंगी

    2. 'टू एच' क्लास के नाम से कर सकेंगे सीटों की बुकिंग

    3. प्रयागराज-मुंबई दूरंतो समेत इसी श्रेणी की ट्रेनों में लाभ मिलेगा

    अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों को सफर के दौरान अतिरिक्त बर्थ और सीटें मुहैया कराने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। दुरंतो और उसके जैसी पूरी तरह आरक्षित ट्रेनों में पहले से मौजूद एलएसएलआरडी यानी 'लिंक हाफमैन बुश सेकेंड क्लास कम लगेज, गार्ड एंड ब्रेक वैन विद कंपार्टमेंट फार दिव्यांगजन' कोच के खाली रहने वाले हिस्से का अब पूरा व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाएगा।

    तीन जुलाई को इसके लिए आधिकारिक आदेश जारी

    इसये पहले चरण में देश भर के रेल यात्रियों के लिए रोजाना 6,000 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो जाएंगी। रेलवे बोर्ड के निदेशक पैसेंजर मार्केटिंग संजय मनोचा ने तीन जुलाई को इसके लिए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है, जिससे प्रयागराज-मुंबई दूरंतो समेत इसी श्रेणी की सभी ट्रेनों में यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

    सामान्य व  दिव्यांगों को सीट आवंटित नहीं हो पाती थी

    दरअसल, इन डिब्बों के भीतर यात्रियों के बैठने वाले हिस्से और उनकी बुकिंग को लेकर साफ्टवेयर में अब तक कोई स्पष्ट व्यवस्था या अलग क्लास कोड निर्धारित नहीं था। इससे आम यात्री के अलावा दिव्यांग यात्रियों को भी इस विशेष डिब्बे में सीट आवंटित नहीं हो पाती थी। इसी तकनीकी कमी को दूर करने के लिए रेलवे अब साफ्टवेयर में बड़ा बदलाव करके इनकी सीटों को यात्रियों के लिए खोलने जा रहा है।

    3 माह में यात्रियों को मिलने लगेगी सुविधा

    रेलवे के सूचना प्रणाली केंद्र यानी सीआरआईएस (क्रिस)द्वारा साफ्टवेयर अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगामी तीन महीनों में, यानी त्योहारों के सीजन से ठीक पहले यह सुविधा यात्रियों को मिलने लगेगी। इस विशेष डिब्बे के एक हिस्से में दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष स्लीपर यानी सोने वाली सीटें रिजर्व रहेंगी, जिनका किराया सामान्य ट्रेनों के स्लीपर क्लास के बराबर होगा। इससे दिव्यांग यात्रियों को सीधे कंफर्म लोअर बर्थ मिल सकेगी। वहीं, कोच के दूसरे हिस्से को आम यात्रियों के लिए 'सेकंड सिटिंग' यानी बैठकर सफर करने वाली क्लास बनाया गया है, जिसे बुकिंग सिस्टम में 'टू एच' कोड नाम दिया गया है।

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    किराया बहुत किफायती होगा

    इस क्लास में कुल 31 या 32 सीटें होंगी, जिनका किराया बहुत किफायती होगा। वर्तमान में देश भर के विभिन्न रूटों पर कुल 52 दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। जबकि दुरंतो और हमसफर श्रेणी की लगभग 200 ट्रेनों में एलएसएलआरडी कोच लगे हैं जो पटरियों पर दौड़ रहा है। पहले चरण में इन्हीं चुनिंदा ट्रेनों औसतन 30 सीटें भी बढ़ती हैं, तो शुरुआत में ही देश भर में रोजाना 6,000 अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएंगी।

    अतिरिक्त सीटों की संख्या 1,20,000 होगी

    जब रेलवे इस साफ्टवेयर व्यवस्था का विस्तार एलएचबी रेक वाली अन्य सभी 4,000 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में करेगा, तब देश भर में कुल अतिरिक्त सीटों की संख्या बढ़कर 1,20,000 तक पहुंच जाएगी। इस तरह बिना कोई नया डिब्बा बनाए या अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाए, केवल साफ्टवेयर में बदलाव करके रेलवे यात्रियों को एक बड़ा तोहफा देगा। इस संबंध में सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि नई व्यवस्था के लिए 'टू एच' क्लास को बुकिंग सिस्टम में तेजी से अपडेट किया जा रहा है।

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