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    कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के वार्डन सीख रहे स्वास्थ्य, स्वच्छता व सुरक्षा के साथ वित्तीय प्रबंधन

    By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sat, 28 Mar 2026 01:49 PM (IST)

    प्रयागराज के सीमैट में प्रदेश के विभिन्न जिलों के 79 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के वार्डन स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन का प्रशि ...और पढ़ें

    प्रयागराज के सीमैट में कस्तूरबा गांधी विद्यालय वार्डनों को प्रशिक्षित करते प्रशिक्षक। जागरण

    प्रयागराज के सीमैट में कस्तूरबा गांधी विद्यालय वार्डनों को प्रशिक्षित करते प्रशिक्षक। जागरण

    HighLights

    1. प्रयागराज के सीमैट में प्रदेश भर के कस्तूरबा विद्यालयों के वार्डनों का प्रशिक्षण

    2. नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन का आयोजन

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से प्रदेशभर के कस्तूरबा विद्यालयों के वार्डन को अभिमुखीकरण की भूमिका समझाई जा रही है। उन्हें वित्तीय प्रबंधन, निधि उपयोग व सूचना संचार प्रौद्योगिकी की जानकारी देने के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा व संरक्षा के बारे में भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।

    विभिन्न जिलों के 79 वार्डनों का प्रशिक्षण  

    प्रयागराज के सीमैट में प्रयागराज के साथ जौनपुर, प्रतापगैढ़, कौशांबी, मीर्जापुर व भदोही के कुल 79 वार्डन का प्रशिक्षण चल रहा है। एडी बेसिक संजय कुमार कुशवाहा व बीएसए अनिल कुमार ने उद्घाटन सत्र में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से आयोजन की शुरुआत की।

    भिवृत्तिक विकास पर भी विमर्श 

    प्रशिक्षण में केजीबीवी वार्डन के अभिवृत्तिक विकास पर विमर्श हुआ। समग्र शिक्षा के सभी पहलुओं तथा केजीबीवी योजना के बारे में बताया गया। वार्डन के उत्तरदायित्व, बालिका शिक्षा के महत्व, संवर्धन, उपचारात्मक तथा सेतु पाठ्यक्रम की भी जानकारी दी गई।

    ये हैं प्रशिक्षक 

    प्रशिक्षक जालौन की डाॅ. ममता स्वर्णकार, फर्रुखाबाद की भारती मिश्रा, बाराबंकी की सीमा सावलानी, प्रयागराज के जिला समन्वयक संतोष तिवारी ने गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षकों में विभिन्न पहलुओं पर समझ विकसित करने का प्रयास किया।

    विशिष्ट प्रशिक्षकों का गतिविधियों के संचालन में सहयोग  

    विशिष्ट प्रशिक्षक जिला नोडल बालिका शिक्षा शत्रुंजय शर्मा व पंकज कुमार त्रिपाठी ने गतिविधियों के संचालन में सहयोग दिया। राज्य परियोजना कार्यालय के समर अब्बास जैदी, सचिव शिक्षा मंत्रालय संजय कुमार, अर्चना शर्मा अवस्थी, प्रो. शशिकला वंजारी, नीपा से वरिष्ठ परियोजना सलाहकार डा. रश्मि चौहान, राम निवास, मुकेश सिंह, सरिता सिंह का भी मार्गदर्शन मिला।

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    परख सर्वेक्षण से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी

    इसी तरह डाॅयट में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से विद्यालयी शिक्षा को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने का प्रयास करने का आह्वान शिक्षकों से डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रताप ने किया। डायट प्राचार्य ने कहा, परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण केवल आंकलन प्रक्रिया नहीं, यह शिक्षा की गुणवत्ता को दिशा देने का सशक्त माध्यम है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों एवं संबंधित कार्मिकों को इस प्रकार तैयार करता है कि वे आने वाले सर्वेक्षण को निष्पक्ष, प्रभावी एवं सफलतापूर्वक संपादित कर सकें।

    दो दिवसीय प्रशिक्षण 

    उन्होंने कहा कि शैक्षिक सुधार की दिशा में यह मील का पत्थर बनेगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सर्वेक्षण की उद्देश्यपरकता, कार्यप्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया, डेटा संकलन एवं रिपोर्टिंग प्रणाली पर जानकारी दी गई। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में विभिन्न विद्यालयों एवं शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। संचालन वीरभद्र प्रताप व अब्दुल मोहयी ने किया।

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