लाइसेंस सस्पेंड, मालिक जेल गया...फिर भी चलती रही पटाखा फैक्ट्री; कौशांबी में 11 मौतों का जिम्मेदार कौन?
कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र में दो साल से चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 11 ...और पढ़ें
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कौशांबी पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से अब तक 11 लोगों की मौत।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Kaushambi Blast News | कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र में पिछले दो साल से अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी। फैक्ट्री के अगल-बगल का मकान बारुद के ढेर पर था। पटाखों के निर्माण के साथ ही बड़े पैमाने पर उसका भंडारण और विक्रय किया जा रहा था।
इसके बावजूद अवैध फैक्ट्री, गोदाम और गांव में अवैध गतिविधि से पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से बेखबर रहा। सोमवार को धमाके में 11 लोगों की जान चली गई तो जिम्मेदार अधिकारी जागे और फिर निलंबन व लाइन हाजिर की कार्रवाई की गई। हालांकि प्रशासन के स्तर पर किसी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं हुई, जिसको लेकर लोग कई तरह के सवाल उठा रहे हैं।
कौशांबी के जिलाधिकारी का कहना है कि गोदाम का लाइसेंस दो साल पहले निरस्त किया गया था। इसकी रिपोर्ट भी पुलिस और संबंधित विभागों के पास गई होगी। लाइसेंस निरस्त होने के बाद मनौरी के पास बड़े स्तर पर भारी तीव्रता वाले पटाखे तैयार किए जा रहे थे। उसका भंडारण भी हो रहा था।
पुलिस की लापरवाही उजागर
मनौरी बाजार से लेकर गांव वाले तक अवैध पटाखा फैक्ट्री के बारे में जान रहे थे। इसके बावजूद पुलिस व प्रशासन को इसकी भनक नहीं लगी, यह बात लोगों के गले से नीचे नहीं उतर रही है। बहरहाल, घटना के बाद अब आरोपितों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने का दावा किया जा रहा है।

सिर्फ पटाखे का विस्फोट...या कुछ और?
अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट। धमाके से पांच मकान पूरी तरह से जमींदोज। घरों की नींव के अलावा कुछ नजर नहीं आया। करीब 100 मीटर दूर स्थित हाईटेंशन पिलर का ज्वाइंटर, बिजली के तार टूटकर गिरे। इतनी ही दूरी पर स्थित कई मकान क्षतिग्रस्त। बाग में आम के पेड़ पर टंगे टिनशेड, चौतरफा फैला पटाखों का अवशेष और बिखरी बारुद की गंध।
करीब ढाई किलोमीटर मौजूद रहे लोगों ने धमाके की गूंज सुनी तो भागकर मौके पर पहुंचे। वहां की भयावहता देख ग्रामीण अचरज में पड़ गए। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि यह सिर्फ पटाखे का विस्फोट है...या कुछ और? गांव वाले ही नहीं अस्पताल पहुंचे कुछ घायल के रिश्तेदारों ने भी सुलगते सवाल किए।

एजेंसियां अपने स्तर पर कर रही जांच
बहरहाल, विस्फोटक पदार्थ की तीव्रता को लेकर पुलिस के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां भी अपने-अपने स्तर पर जांच कर रही हैं। घटना स्थल से एकत्र किए गए अवशेष को फोरेंसिक लैब भेजकर जांच कराई जाएगी, ताकि कोई नया तथ्य सामने आने पर जांच का दायरा बढ़ाया जा सके।

मनौरी निवासी मदन ने कहा कि एक साल पहले दूसरी पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था, लेकिन तब की स्थिति इतनी विकराल नहीं थी।
सुरेश कुमार ने मनौरी की घटना की तुलना भरवारी धमाके से करते हुए कहा कि वहां भी बिजली के खंभे थे, लेकिन नुकसान नहीं हुआ था। अगल-अलग के मकानों में दरार जरूर आई थी, मगर यहां तो दूसरे मकान पूरी तरह से ढह गए।

इसी तरह कई और लोगों ने आशंका जताई कि पटाखा फैक्ट्री में किसी और तरह का भी विस्फोटक पदार्थ रखा जा सकता है। घटनास्थल पर मौजूद किसी ग्रामीण ने फैक्ट्री में कई कुंतल बारुद का ढेर लगाने तो किसी ने आरडीएक्स रखने तक की चर्चा कर डाली।
एक महिला ने अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित करने वालों की गतिविधि को संदिग्ध बताया। कहा कि आदिल उसके परिवार से जुड़े लोग कई बार चोरी-छिपे भी सामान लाते थे। हालांकि ग्रामीणों के बीच चर्चा ने कई इशारे किए हैं।

हालांकि पुलिस अधिकारी प्रारंभिक छानबीन के आधार पर पटाखा विस्फोट ही मान रहे हैं। जबकि आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी), स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआइयू) और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचकर अपने-अपने स्तर पर इनपुट जुटाए। सुगलते सवालों के बीच अब विस्तृत जांच रिपोर्ट और उसके निष्कर्ष का भी इंतजार किया जा रहा है।
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पूरा परिवार चल रहा था अवैध पटाखा फैक्ट्री
अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री के संचालन में पूरा परिवार ही शामिल था। ग्रामीणों का कहना है कि नौशाद पहले कोखराज के रोही इलाके में अवैध ढंग से पटाखा फैक्ट्री चला रहा था। वहां एक घटना होने के बाद उसने प्रयागराज-कौशांबी के बॉर्डर पर सुरक्षित ठिकाना तलाशा।

पिपरी थाने में दर्ज हुई एफआइआर में नौशाद, उसके बेटे आदिल, भाई शकील समेत छह को आरोपित बनाया गया है। आरोप है कि नौशाद और शकील अपने परिवार के साथ अवैध कार्य कर रहा था। विस्फोट में पांच से छह घर पूरी तरीके से ध्वस्त हो गए। कई की जनहानि हुई।
नौशाद पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
डीएसपी चायल शिवांक सिंह ने बताया कि नौशाद के इस अवैध कारोबार में उसका पूरा कुनबा शामिल था। सभी लोग मिलकर कारोबार करते थे। फैक्ट्री के समीप ही दो घरों में बारूद का भंडारण किया गया था। इसे बैकहो लोडर से सुरक्षित स्थान पर गड्ढा कराकर गड़वा दिया गया है।
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ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार की देर रात को पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी नौशाद क गिरफ्तार कर लिया। वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। उसके पैर में गोली लगी है। इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
