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    कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राएं फर्राटे से अंग्रेजी बोल सकेंगी, शिक्षकों को भाषा की दक्षता बढ़ानी होगी

    By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sat, 18 Jul 2026 12:40 PM (IST)

    प्रयागराज के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं को फर्राटेदार अंग्रेजी सिखाने के लिए शिक्षण में गुणात्मक सुधार के निर्देश दिए गए हैं। शिक्ष ...और पढ़ें

    कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को अंग्रेजी विषय में पारंगत बनाने की तैयारी है।

    कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को अंग्रेजी विषय में पारंगत बनाने की तैयारी है।

    HighLights

    1. प्रयागराज के बीएसए ने शिक्षण में गुणात्मक सुधार के निर्देश दिए

    2. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में उपचारात्मक कक्षाएं भी चलेंगी

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राएं फर्राटे के साथ अंग्रेजी बोलें, इसके लिए शिक्षण में गुणात्मक सुधार के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल में पढ़ाने वाली अंग्रेजी की शिक्षक को भाषा की दक्षता बढ़ानी हाेगी। अंग्रेजी में बोलने का कौशल विकसित करना होगा। प्रतिस्पर्धी वातावरण में छात्राओं को महत्वाकांक्षी बनाने का प्रयास करते हुए उनकी कॅरिअर काउंसिलिंग करनी है।

    उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की जाएगी

    कक्षा में सहायक शिक्षण सामग्री अर्थात टीएलएम की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए छात्राओं के समझ के स्तर का आकलन नियमित रूप से करना है। आवश्यकता के अनुसार उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। सभी विद्यालयों में समय सारिणी के अनुसार पठन-पाठन सुनिश्चित करना शिक्षकों का दायित्व है। शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पाठ्यक्रम का साप्ताहिक, मासिक विभाजन कर दैनिक पाठ योजना निर्मित कर शिक्षण करने की हिदायत दी गई है।

    विषय अध्याप होंगे उत्तरदायी 

    बीएसए अनिल कुमार ने कहा कि प्रत्येक तीन माह में छात्राओं का मूल्यांकन अनिवार्य है। दक्षता न प्राप्त करने वाली छात्राओं के विषय अध्यापकों को इसके लिए उत्तरदायी बनाया जाएगा। विद्यालयों में खान एकेडमी के माध्यम से गणित विषय की आनलाइन कक्षाएं शतप्रतिशत छात्राओं को लेनी हैं।

    विज्ञान कक्षाओं में छात्राओं-शिक्षकों की उपस्थित अनिवार्य

    इसी क्रम में आइआइटी गांधी नगर के सहयोग से चलने वाली विज्ञान विषय की कक्षाओं में छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थित अनिवार्य है। मासिक स्वास्थ्य परीक्षण, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए आरओ की व्यवस्था, स्नानागार व शौचालय ब्लाक में टाइलीकरण कराते हुए एक्जास्ट फैन अनिवार्य रूप से लगाने हैं।

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