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    Magh Purnima 2026 : रविपुष्य योग में लगेगी संगम में पुण्य की डुबकी, सुख-समृद्धि को क्या करें दान...बता रहे ज्योतिर्विद

    By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sat, 31 Jan 2026 03:30 PM (IST)

    Magh Purnima 2026 माघ पूर्णिमा पर संगम में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है, कल्पवास कर रहे लोग अब घर लौट रहे हैं। ज्योतिर्विदों के अनुसार, इस दिन रविपुष ...और पढ़ें

    Magh Purnima 2026 प्रयागराज माघ मेला में माघ पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु पुण्य स्नान का लाभ लेंगे। फोटो : जागरण आर्काइव

    Magh Purnima 2026 प्रयागराज माघ मेला में माघ पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु पुण्य स्नान का लाभ लेंगे। फोटो : जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. एक फरवरी की सुबह 5.19 बजे लगेगी पूर्णिमा तिथि

    2. इस दिन चतुर्ग्रहीय योग का बन रहा है लाभदायक संयोग

    3. माघ पूर्णिमा पर माघ मेला में कल्पवास का होगा समापन

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Magh Purnima 2026 माघ शुक्लपक्ष की पूर्णिमा अर्थात माघ पूर्णिमा स्नान पर्व से संगम की रेती से संत और श्रद्धालु प्रस्थान करने लगेंगे। माघ मेला के पांचवे स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर रविवार को संगम और गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाने के बाद लोग जाने लगेंगे। इसके चलते शिविर उखड़ने लगे हैं।

    तुलसी का बिरवा, जौ का पौधा लेकर जाएंगे कल्पवासी 

    Magh Purnima 2026 शिविर में रहने वाले लोग सामान समेटने में जुटे हैं। कल्पवासियों को लेने उनके सगे-संबंधी मेला क्षेत्र पहुंच रहे हैं। कल्पवासी स्नान के बाद पूर्वजों और आराध्य को नमन करके प्रसाद स्वरूप तुलसी का बिरवा और जौ का पौधा लेकर अगले वर्ष आने का संकल्प लेकर प्रस्थान करेंगे। इसके साथ संगम तट पर चल रहे यज्ञ-अनुष्ठान पर विराम लग जाएगा। वहीं, कुछ संत और श्रद्धालु 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान करने के बाद जाएंगे।

    रविपुष्य योग दिनभर रहेगा : आचार्य देवेंद्र 

    Magh Purnima 2026 ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार एक फरवरी की सुबह 5.19 बजे पूर्णिमा तिथि लग जाएगी। जो उक्त तारीख की रात 3.46 बजे तक रहेगी। रविपुष्य का योग दिनभर रहेगा। वहीं, मकर राशि में मंगल, बुध, शुक्र और सूर्य के संचरण से चतुर्ग्रहीय संयोग बन रहा है। जो अत्यंत पुण्यकारी है। एक फरवरी की शाम 6.05 बजे शुक्रोदय होगा। इसके साथ शादी-विवाह सहित समस्त शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे।

    स्नान-दान से ब्रह्मलोक की होगी प्राप्ति : आचार्य विद्याकांत

    पाराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार माघ पूर्णिमा पर स्नान और दान का विशेष महत्व है। मत्स्य पुराण में वर्णन है कि माघ मास की पूर्णिमा तिथि पर स्वर्ग लोक से देवता पृथ्वी पर आते हैं। वे मनुष्य के स्वरूप में संगम में स्नान करते हैं। संगम व गंगा के पवित्र जल में स्नान करके गरीबों को भोजन, वस्त्र, गुड़, कपास, देशी घी, फल व अन्न दान करने वालों को ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है। जीवन में सुख-समृद्धि आती है। माघी पूर्णिमा पर स्नान के बाद जल ग्रहण करना चाहिए। आहार, विहार व आचरण शुद्ध रखें। रात में जल में सफेद फूल डालकर चंद्रमा को अर्घ्य देने से मनोवांछित फल की प्राप्त होती है।

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