मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना : तीन गुना से ज्यादा आवेदन, फिर भी प्रयागराज में लक्ष्य अधूरा क्यों?
प्रयागराज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का जून तक का लक्ष्य अधूरा रह गया, जबकि आवेदन तीन गुना से अधिक थे। 1500 से ज्यादा आवेदनों में से केवल 440 ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना : प्रयागराज में लक्ष्य अधूरा है।
HighLights
सामूहिक विवाह योजना में जून तक 596 जोड़ों की करानी थी शादी
1500 आवेदनों में महज 440 ही मिले पात्र, आयोजनों में लिए सात फेरे
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में इस वर्ष 1987 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य शासन से आवंटित किया गया है। इसमें से 596 जोड़ों का विवाह जून तक कराना था। इस त्रैमासिक लक्ष्य के सापेक्ष समाज कल्याण विभाग के पास 1500 से भी अधिक आवेदन थे, लेकिन इनमें से सिर्फ 440 ही मात्र मिले। इसके चलते त्रैमासिक लक्ष्य अधूरा रह गया।
शादी हुई पर आवेदन योजना के पोर्टल पर लंबित थे
दरअसल, सामूहिक विवाह योजना के लिए आए सभी 1500 से अधिक आवेदनों में ज्यादातर पिछले वर्ष के थे। शासन से जितना लक्ष्य मिलता है, उतने ही जोड़ों की सामूहिक विवाह में शादी कराई जाती है। लक्ष्य से अधिक होने के कारण यह आवेदन लंबित रह गए थे। योजना में चयन न होने पर मायूस हुए तमाम आवेदनों ने जैसे-तैसे अपनी बेटी की शादी करा दी, लेकिन उनके आवेदन योजना के पोर्टल पर लंबित ही थे।
लक्ष्य को अगली तिमाही में पूरा कराने की तैयारी
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लक्ष्य आवंटित होने के बाद पोर्टल पर लंबित इन आवेदनों की जांच हुई तो बड़ी संख्या में अपात्र मिले। ब्लाक स्तर से इन आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। आखिर में स्थिति यह बनी कि योजना का लाभ दिलाने के लिए पात्र भी कम पड़ गए। अब शेष बचे लक्ष्य को अगली तिमाही जुलाई से सितंबर के मध्य पूरा कराने की तैयारी है।
पांच ब्लाकों में हो चुके हैं आयोजन
जिले में कुल 23 ब्लाक हैं। इनमें से सोरांव, सहसों, सैदाबाद, जसरा और कोरांव विकास खंड में 440 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। अन्य ब्लाकों में आगे कार्यक्रम कराने की तैयारी है। इसके अलावा शहर में भी इस साल सामूहिक विवाह की योजना बनाई जा रही है। पिछले साल यह आयोजन नहीं हो सका था।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन तो बहुत आए थे, लेकिन काफी अपात्र थे। आवेदन करने के बाद इन जोड़ों की शादी हो चुकी थी। नए आवेदनों के आने पर सत्यापन के बाद लाभ दिलाया जाएगा। वार्षिक लक्ष्य को समय पर पूरा किया जाएगा।
- रामशंकर पटेल, जिला समाज कल्याण अधिकारी।