प्रयागराज में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के नेतृत्व में हाईवे जाम, निषाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी, कई किमी वाहन फंसे
प्रयागराज में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के नेतृत्व में निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर वाराणसी-कोलकाता नेशनल हाईवे जाम कर दिया। ...और पढ़ें

प्रयागराज के शृंगवेरपुर में मंत्री संजय निषाद के नेतृत्व में हाईवे जाम करते निषाद पार्टी के कार्यकर्ता। जागरण
HighLights
विभिन्न मांगों को लेकर शृंगवेरपुर में वाराणसी-कोलकाता हाई जाम किया
लगभग एक घंटे लगे जाम के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा
संसू , जागरण, शृंगवेरपुर धाम (प्रयागराज)। श्रीराम-निषादराज के मिलन स्थल शृंगवेरपुर धाम में निषाद जन्मोत्सव के अवसर पर सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के नेतृत्व में इंडियन निर्बल शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) के कार्यकर्ताओं ने कोलकाता-वाराणसी नेशनल हाईवे पर के दोनों लेन को जाम कर दिया। अचानक हुए इस प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन मांगों को लेकर किया गया प्रदर्शन
बताया जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री संजय निषाद अपने समर्थकों के साथ विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर उतरे। प्रमुख मांगों में उत्खनन स्थल के पास स्थित निषादराज किले की जमीन को कब्जा मुक्त कराना, किले के समीप बनी मस्जिद को हटाना तथा निषाद जन्मोत्सव पर सरकारी अवकाश घोषित करना शामिल रहा। इन मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए हाईवे को पूरी तरह बाधित कर दिया।
भारी संख्या में पुलिस बल व अधिकारी भी पहुंचे
घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास करते रहे। लगभग एक घंटे से अधिक समय तक चले इस जाम के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
वार्ता के माध्यम से समस्या निराकरण का प्रयास
हाईवे पर फंसे लोगों में एंबुलेंस, स्कूली वाहन और लंबी दूरी के यात्री भी शामिल रहे, जिन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहा था कि प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम समाप्त कराया जाए और यातायात को सामान्य किया जा सके। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने का प्रयास है।