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    मौनी अमावस्या पर सभी स्नान घाट ओवर क्राउडेड, संगम पर उमड़ी भीड़, इमरजेंसी प्लान लागू, एरावत घाट पर स्नान

    By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 18 Jan 2026 12:33 PM (IST)

    प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह 6 बजे से 10 बजे तक स्नान घाट कई बार ओवरक्राउडेड हो गए, जिसके चल ...और पढ़ें

    मौनी अमावस्या प्रयागराज संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने के कारण प्रशासन ने इमरजेंसी प्लान लागू किया।

    मौनी अमावस्या प्रयागराज संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने के कारण प्रशासन ने इमरजेंसी प्लान लागू किया। 

    HighLights

    1. संगम जाने वाले सभी मार्गों को कराया गया बंद, त्रिवेणी तट कराया जा रहा खाली

    2. ⁠पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, घुड़सवार पुलिस भी लगाई गई

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माघ मेला के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर पावन संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए अपार आस्था उमड़ पड़ी है। रविवार सुबह छह बजे से सुबह 10 बजे तक तीन बार संगम के सभी स्नान घाट ओवर क्राउडेड हो गए। संगम के चोक होने कारण प्रशासन को इमरजेंसी प्लान लागू करना पड़ा। सुबह 10 बजे तक छह इमरजेंसी प्लान लागू किए गए।

    पिछले दो स्नान पर्वों पर नहीं लागू हुआ था इमरजेंसी प्लान

    माघ मेला के दो स्नान पर्व पौष पूर्णिमा तीन जनवरी और मकर संक्रांति 15 जनवरी को भी श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा था। पौष पूर्णिमा पर लगभग 31 लाख तो मकर संक्रांति पर एक करोड़ 85 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में गोते लगाए थे। इन दोनों स्नान पर्वों पर भारी भीड़ उमड़ थी, मगर तब इमरजेंसी प्लान नहीं लागू किए गए थे।

    शनिवार को ही डेढ़ करोड़ श्रद्धालु कर चुके थे स्नान

    दरअसल मकर संक्रांति का स्नान दो दिन 14 व 15 जनवरी को मनाए जाने से भीड़ बंट गई थी। मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर दो दिन पहले शुक्रवार से ही स्नानार्थियों का आना शुरू हो गया था। शनिवार को तो श्रद्धालुओं का जनसमूह संगम पर पहुंच गया। मेला प्रशासन ने शनिवार को ही लगभग डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान लगाया था।

    संत-महात्मा, कल्पवासी व श्रद्धालु स्नान को उमड़े

    शनिवार को आधी रात के बाद शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोंच्चार के साथ घंटा-घड़ियाल के बीच मौनी अमावस्या के महास्नान की डुबकी लगने लगी। भोर में लगभग तीन बजे पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाने के लिए भारी भीड़ उमड़ने लगी। संतों और गृहस्थों के साथ ही कल्पवासियों की भारी भीड़ संगम समेत सभी स्नान घाटों पर पहुंच गई। जय गंगा मैया और हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ डुबकी लगने लगीं।

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    सुबह लाखों की भीड़ एक साथ पहुंची संगम

    सुबह छह बजे के करीब संगम पर लाखों श्रद्धालुओं के एक साथ पहुंचने के कारण घाट ओवर क्राउडेड हो गए। संगम का सर्कुलेटिंग एरिया के चोक हो जाने की वजह से प्रशासन को इमरजेंसी प्लान लागू करना पड़ा। तत्काल संगम को खाली कराने का वृहद स्तर पर अभियान चलाया गया। घुड़सवार पुलिस के साथ ही सिविल पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों को भी संगम को खाली कराने के लिए उतार दिया गया।

    मेलाधिकारी समेत अफसरों ने संभाला मोर्चा

    मेलाधिकारी ऋषि राज और एसपी मेला नीरज पांडेय के साथ ही एडीएम नजूल संजय पांडेय, एडीएम सिटी सत्यम मिश्र समेत सात मजिस्ट्रेटों ने भी भारी फोर्स के साथ मोर्चा संभाला। रस्सी लगाकर और सीटी बजाकर तेज़ी से संगम के सभी स्नान घाटों को खाली कराया जाने लगा। वहीं दूसरी ओर संगम की ओर जाने वाले अपर संगम मार्ग और लोअर संगम मार्ग समेत सभी रास्तों को दो किमी पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया।

    श्रद्धालुओं की भीड़ को डायवर्ट किया गया

    श्रद्धालुओं की भीड़ को दूसरे मार्गों से गंगा के स्नान घाटों पर भेजा जाने लगा। लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद संगम को खाली कराया जा सका, जिसके बाद फिर संगम पर जाने दिया जाने लगा मगर सबसे ज़्यादा दबाव वाले अपर संगम मार्ग को काली मार्ग पर बंद रखा गया। काली मार्ग के श्रद्धालुओं को संगम के ठीक सामने झूँसी की ओर सेक्टर चार की ओर भेजा जाने लगा। एरावत स्नान घाट सबसे बड़ा है, जो लगभग 800 मीटर लंबा है। एरावत स्नान घाट पर अतिरिक्त पुलिस की तैनाती कर दी गई। संगम नोज पर सुबह छह बजे से 10 बजे तक तीन बार असंख्य भीड़ आने से इमरजेंसी प्लान लागू करना पड़ा।

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