तीजन बाई की अस्थियां प्रयागराज संगम में विसर्जित, पांच जुलाई को रायपुर में हुआ था निधन
पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई की अस्थियां प्रयागराज संगम में विसर्जित की गईं। उनके पुत्र, पौत्र और अन्य परिजनों के साथ कला प्रेमियों ने उन्हें अ ...और पढ़ें

पंडवानी की सुविख्यात कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई की अस्थियां संगम में विसर्जित करते परिवारीजन। जागरण
HighLights
पद्म विभूषण तीजनबाई के पुत्र, पौत्र समेत अन्य परिवारीजन कलश लेकर पहुंचे संगम
एनजीजेडसीसी के उप निदेशक, अन्य लोक कलाकार व कला प्रेमी अंतिम यात्रा में शामिल
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। लोकगीत गायन में पंडवानी की सुविख्यात कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई की अस्थियां संगम के जल में सोमवार को विसर्जित कर दी गईं। उनके पुत्र दिलहरण पारधी, पौत्र सौरभ पारधी, नाती झाकेश्वर देशमुख समेत अन्य लोग अस्थि कलश लेकर संगम पहुंचे थे।
तीर्थ पुरोहितों के मंत्रजाप के बीच अस्थि विसर्जन
संगम तट पर तीर्थ पुरोहितों ने मंत्रजाप के बीच अस्थियों का विसर्जन कराया। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के उप निदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय समेत लोक कलाकार और कला प्रेमियों ने तीजन बाई को अंतिम यात्रा के दौरान नमन किया। कई लोगों ने घाट किनारे उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
प्रयागराज कई बार आ चुकी थीं तीजनबाई
तीजन बाई भारतीय लोक संस्कृति की अमूल्य धरोहर थीं। मंच पर जब उनकी उपस्थिति होती थी तो मानो दर्शकों के सामने 'महाभारत' की कथा जीवंत हो उठती थी। तीजन बाई अपने जीवन में कई बार इलाहाबाद (अब प्रयागराज) आईं। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से कुंभ और माघ मेले के दौरान आयोजित होने वाले 'चलो मन गंगा यमुना तीर' के सांस्कृतिक पंडाल में लगातार कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
पांच जुलाई को रायपुर के एम्स में ली अंतिम सांस
पांच जुलाई को तीजनबाई का निधन रायपुर स्थित एम्स में हुआ था। 12 जुलाई को तीजन बाई का अस्थि कलश प्रयागराज लाया गया था। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में कला प्रेमियों, लोकविद और रंगकर्मियों ने अस्थि कलश के दर्शन किए, लोक गायिका को श्रद्धासुमन अर्पित किए थे।
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कलाकारों, रंगकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि
तीजन बाई की अस्थियां सोमवार 13 जुलाई की सुबह संगम ले जाई गईं। पुत्र, पौत्र, नाती, सचिव धन्नूलाल सिन्हा और मनहरण सार्वा, के अलावा उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के उप निदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय, कार्यक्रम प्रभारी कृष्ण मोहन द्विवेदी समेत कई कलाकार व रंगकर्मियों ने श्रद्धांजलि दी।