PDA का मानचित्रों की NOC को लेकर नया आदेश: महीनों का इंतजार खत्म, 15 दिन में नहीं मिली तो पास होगा मानचित्र
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) अब छोटे भवनों के मानचित्रों को संबंधित विभागों की एनओसी के बिना भी स्वीकृत कर सकेगा, ...और पढ़ें

प्रयागराज विकास प्राधिकरण।
HighLights
सरकारी विभागों की एनओसी के बिना भी पीडीए पास करेगा मानचित्र
पांच सितंबर को प्रस्तावित पीडीए बोर्ड की बैठक में इस पर लगेगी मुहर
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भवन मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए अलग-अलग विभागों की एनओसी के इंतजार में अब महीनों नहीं लगेंगे। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) छोटे भवनों के मानचित्रों की स्वीकृति प्रक्रिया को तेज करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत संबंधित विभागों को एनओसी जारी करने के लिए अधिकतम 15 दिन की समय सीमा दी जाएगी।
तय अवधि में एनओसी नहीं मिलने पर एनओसी के बिना ही पीडीए मानचित्र स्वीकृत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा। मानचित्र पास होने के बाद पूरी जवाबदेही संबंधित विभाग की रहेगी।
पांच सितंबर को प्रस्तावित पीडीए बोर्ड की बैठक में इस आदेश में मुहर लग जाएगी।
दरअसल, भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने से पहले नजूल,नगर निगम,फायर ब्रिगेड,लोक निर्माण विभाग सहित कई विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होता है। संबंधित विभागों से एनओसी मिलने में देरी होने के कारण मानचित्र स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया लंबी खिंच जाती है।
कई बार आवेदकों को एनओसी के लिए संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसका असर छोटे भवनों के निर्माण की प्रक्रिया पर भी पड़ता है। पीडीए अब इसी समस्या को दूर करने के लिए छोटे मानचित्रों के मामले में समयबद्ध व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, पीडीए की ओर से एनओसी के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजे जाने के दो सप्ताह की अवधि में एनओसी जारी करनी होगी।
यदि विभाग निर्धारित समय में एनओसी जारी नहीं करता है, तो पीडीए मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा। हालांकि, यह व्यवस्था किन श्रेणी के भवनों और किन विभागों की एनओसी पर लागू होगी, इसका निर्धारण बोर्ड की मंजूरी के बाद किया जाएगा।
पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज ने बताया कि शहर के लोगों को मानचित्र पास कराने में किसी तरह की असुविधा न हो इसी को लेकर कुछ बदलाव करने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में बोर्ड में प्रस्ताव पास कराकर जल्द लागू किया जाएगा।
