AI की बुद्धिमत्ता ने गरीबों के सपनों पर फेरा पानी, पीएम आवास योजना में चयनित कई पात्रों के नाम सूची से गायब
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) की सूची से एआई की 'ऑटो-डिलीशन' तकनीक के कारण कई पात्र लाभार्थियों के नाम गायब हो गए हैं, जिससे उनके घर के सपने टूट गए। प्रया ...और पढ़ें

प्रयागराज में पीएम आवास योजना के कई लाभार्थियों के नाम एआई की चूक से कट गए हैं।
HighLights
तकनीक की गड़बड़ी से चयनित होने के बाद भी सूची से नाम गायब
प्रयागराज जनपद में अब सभी 1540 गांवों में फिर हो रहा सत्यापन
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पति और बच्चों के साथ कोठरी में रहने वाली मंसा देवी ने वर्षों दौड़-भाग की, लेकिन कालोनी मिलना तो दूर पात्रता की सूची में नाम भी नहीं शामिल करा पाईं। इस बार एआई से लैस होकर आई पीएम आवास योजना (ग्रामीण) की अनंतिम सूची में उसका नाम जुड़ा तो पक्का घर मिलने की उम्मीद बंधी। भेड़-बकरी चराकर गुजर बसर करने वाले इस परिवार ने तमाम सपनें भी संजो लिए थे। यह सपने तब चकनाचूर हो गए, जब पात्रों की अंतिम सूची में उनका नाम नहीं दिखा। मंशा ही अकेले नहीं हैं, सरोजा पाल और रवि सहित करीब 50 गरीबों की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है।
1.03 लाख आवेदकों की सूची जारी हुई थी
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आए करीब 1.64 लाख आवेदनों में से कई चक्र के सत्यापन व रैंडम चेकिंग के बाद पंजीकृत आवेदकों की एक सूची तैयार की गई थी। करीब 1.03 लाख आवेदकों की यह सूची दो महीने पहले जारी हुई थी। बाद में ब्लाक स्तर से गांवों में खुली बैठकें व डोर-टू-डोर जाकर कर्मचारियों ने इसका सत्यापन किया। फिर कार्यवृत्ति व अन्य ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया गया।
पोर्टल में ऑटो डिलीशन विकल्प ने किया खेल
अफसरों का कहना है कि इस बार पोर्टल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) से लैस था, जिसमें एक विकल्प ऑटो डिलीशन का भी रहा। इसी तकनीक की गड़बड़ी ने चयनित किए गए तमाम पात्रों के नाम सूची से गायब कर दिए। करछना के मुंगारी, भुंडा सहित लगभग जिले के हर ब्लाक में इस तरह के मामले में भरे पड़े हैं। मुंगारी में ही लगभग 68 पात्रों के नाम सूची से गायब हो गए हैं। अकेले प्रयागराज ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसी ही समस्या आ रही है।
सभी 1540 गांवों का फिर हो रहा सर्वे
प्रशासन की ओर से जिले के सभी 1540 गांवों में सर्वे कराया जा रहा है। ऐसे लोग चिन्हित किए जा रहे हैं, जिनके नाम पात्र होने के बाद भी सूची से कट गए हैं। इनमें से मुसहर, कोल, सपेरा, दिव्यांग, 50 वर्ष आयु तक की विधवा, कुष्ठ रोगी, दैवी आपदा में घर गिरने के पीड़ितों को मुख्यमंत्री आवास योजना में शामिल किया जाएगा।
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पीएम आवास योजना के पोर्टल में आटो डिलीशन के कारण ऐसी दिक्कत आई है। सभी गांवों का सर्वे कराया जा रहा है। जो आवेदक सीएम आवास योजना की पात्रता की श्रेणी में आएंगे, उन्हें आवास दिलाया जाएगा।
- भूपेंद्र सिंह, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण।