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    स्मरण शक्ति पर 'सूडो डिमेंशिया' का हमला, हो रही भूलने की बीमारी; मोबाइल के लत व मानसिक भटकाव से बचें

    By Amerdeep Bhatt Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Mon, 27 Jul 2026 01:36 PM (IST)

    मोबाइल की लत और मानसिक भटकाव 'सूडो डिमेंशिया' का कारण बन रहे हैं, जिससे लोग चीजें और यहां तक कि बच्चों के नाम भी भूलने लगे हैं। अवसाद, एंजाइटी और मस्त ...और पढ़ें

    सूडो डिमेंशिया याददाश्त पर असर डालता है, जिससे भूलने की समस्या होती है।

    सूडो डिमेंशिया याददाश्त पर असर डालता है, जिससे भूलने की समस्या होती है।

    HighLights

    1. अवसाद, एंजाइटी, ब्रेन में रक्त का प्रवाह कम होने की स्थितियां भी भूलने का बन रहीं कारण

    2. अपने बेटे या बेटी को किसी काम से बुलाना है तो उसका नाम पुकारने में जुबान रुक जा रही

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मोबाइल पर समय ज्यादा व्यतीत करने लगे हैं या मानसिक भटकाव होने लगा है तो सचेत हो जाएं। अगर आपको भूलने की बीमारी प्रतीत होने लगी है तो हो सकता है कि 'सूडो डिमेंशिया' की जद में आ गए हैं। अवसाद, एंजाइटी, ब्रेन में रक्त का प्रवाह कम होने की स्थितियां भी कारण बन रही हैं। हालत तो अब यह हो गई है कि लोग मोबाइल, गाड़ी की चाबी तो क्या, अपने बच्चों का नाम अचानक से भूल जा रहे हैं। बेटे या बेटी को किसी काम से बुलाना है तो उसका नाम पुकारने में जुबान रुक जा रही है।

    मानसिक रोग विभाग में आ रहे ऐसे मरीज

    स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में पहुंचे तेलियरगंज के राधेश्याम तिवारी ने बताया कि भूलने की समस्या हो गई है। डॉक्टर ने पूछा कि सुबह नाश्ता क्या किया था तो सोचने लगे। दिमाग पर जोर डाला तब कुछ बता सके। प्रतियोगी छात्र रत्नेश कुमार का कहना था कि मोबाइल से किसी से बात करते हुए घर से बाहर निकल रहे थे और कमरे में ही खोज रहे थे कि मोबाइल कहां रखा है।

    एक दिन पहले बाजार से क्या खरीदा, याद नहीं 

    नैनी से आईं मनोरमा ने बताया कि एक दिन पहले बाजार गईं तो क्या खरीदा, यह कभी-कभी भूल जाती हैं। इनसे भी गंभीर समस्या रही व्यापारी दीपक केसरवानी की। बताया कि बेटे को बुलाना था, भूल ही गए कि उसे किस नाम से बुलाएं। नाम याद दिलाने में पत्नी माध्यम बनीं।

    क्या है सूडो डिमेंशिया बीमारी?

    भूलने की बीमारी को चिकित्सा विज्ञान में डिमेंशिया के नाम से जानते हैं। अब सूडो डिमेंशिया के लक्षण सामने आ रहे हैं जो कि डिमेंशिया से कुछ अलग है। मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल के चलते मेमोरी कमजोर होना तो अब सामान्य बात है, भूलने की समस्या नई है। मनोरोग चिकित्सक कहते हैं कि यह डिसोसिएसिव डिस्आर्डर है। मोबाइल तो इसका कारण है ही, कई अन्य बातों या गतिविधियों में एक साथ ध्यान लगाए रखना भी कारण है। एक साथ कई चीजें साेचते रहने से ऐसा होता है।

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    15 ऐसे मरीज औसतन रोज पहुंच रहे हैं एसआरएन अस्पताल
    50 से अधिक लोग रोज मनोरोग चिकित्सकों के पास पहुंचते हैं
    06 डाक्टरों के पास आ रहे भूलने की समस्या वाले मरीज
    05 बार से अधिक कुछ भूले हैं तो हो जाएं सावधान
    60 साल की अवस्था पार कर चुके हैं तो बीमारी की संभावना अधिक
    40 साल के आसपास हैं तो मेमोरी का कमजोर पड़ना चिंताजनक


    लोगों ने बताई भूलने की बीमारी

    कभी-कभी ऐसा होता है कि दुकान की चाबी बैग में रख लिया और घर में ढूंढ रहे हैं। पता नहीं क्या हो रहा है। फोन भी भूल जाते हैं जबकि जेब में रखा होता है।
    - कुलदीप गुप्ता, व्यापारी

    अक्सर कुछ न कुछ भूल जाते हैं, घर से निकलते गाड़ी की चाबी भूल गए, जबकि हाथ में लिए हैं। यह फोन ही सब मेमोरी कमजोर कर रहा है।
    - ओम प्रकाश गौड़, दुकानदार

    सूडो डिमेंशिया के चलते ऐसा हो रहा है। यह डिमेंशिया से कुछ अलग है। बच्चे ही ओपीडी में आते हैं और कहते हैं कि प्रश्नों के उत्तर याद नहीं कर पा रहे हैं। कुछ लोगों ने बातचीत में बताया है कि कभी-कभी अपने भाई या बच्चे का नाम ही अचानक से जुबान पर नहीं आता। जरूरी है कि ध्यान कई जगह एक साथ न लगाएं। मानसिक तनाव बहुत ज्यादा न लें और अपने दिमाग को प्रेशर से मुक्त रखें।
    - डॉ. अनुराग वर्मा, मनोरोग चिकित्सक, एसआरएन अस्पताल।

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