प्रयागराज के 48,920 किसानों की सम्मान निधि रुकी, दस्तावेजों में सुधार नहीं कराने का मिला खामियाजा; अभी भी है मौका
प्रयागराज में 48,920 किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि दस्तावेजों में खामियों के कारण रोक दी गई है; लाभ जारी रखने के लिए 30 अप्रैल तक फार्मर आईडी अपलो ...और पढ़ें

प्रयागराज के हजारों किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है।
HighLights
30 अप्रैल तक फार्मर आइडी बनवाकर पोर्टल पर अपलोड कराने से निधि का मिल सकेगा लाभ
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 6000 रुपये तीन किश्तों में किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। वरासत या राजस्व विभाग के दस्तावेजों में मौजूद अन्य खामियों को दूर नहीं कराना किसानों को भारी पड़ गया। जनपद के 48,920 किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। यदि ऐसे किसान 30 अप्रैल तक फार्मर आइडी बनवाकर पोर्टल में अपलोड करा देंगे, तभी दोबारा सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। अन्यथा पात्रों की सूची से बाहर कर दिए जाएंगे।
6,000 रुपये तीन किश्तों में दी जाती है
उप कृषि निदेशक पवन कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 6,000 रुपये तीन किश्तों में किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है। वरासत व दूसरी वजह से भूमि में नाम परिवर्तन पर 7,807, सस्पेक्टेड वाले 3,177, पिछले भू स्वामी का विवरण अपूर्ण होने के कारण से 36,069 और नाबालिक होने के कारण 1,867 किसानों की पीएम सम्मान निधि केंद्र सरकार की ओर से रोक दी गई है।
इस प्रक्रिया को करके फिर से लाभ ले सकेंगे किसान
उन्होंने बताया कि संबंधित किसान 30 अप्रैल तक नजदीकी जन सेवा केंद्र के माध्यम से फार्मर आइडी बनवा लें। फिर pmkisan.gov.in वेबसाइट पर उपलब्ध update MISSING INFORMATION के विकल्प पर डाटा अपलोड करा दें। इसके बाद तहसील में उसकी छायाप्रति जमा करा दें। निर्धारित तिथि के बाद अपडेशन से अवशेष बचे किसानों के नाम केंद्र सरकार की ओर से पोर्टल से हटा दिए जाएंगे। फिर भविष्य में संबंधित किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि नहीं मिलेगी।
बीज वितरण की बदली व्यवस्था, आनलाइन होगी बुकिंग
हर जरूरतमंद किसान तक बीज पहुंचे, इसके लिए कृषि विभाग ने बीज वितरण की व्यवस्था में बदलाव किए हैं। कृषि विभाग दो तरह से बीज का वितरण करता है। एक में मिनी किट दी जाती है, जो निश्शुल्क रहती है। इसमें अलग-अलग बीजों के निर्धारित मात्रा वाले पैकेट वितरित किए जाते हैं। इसके अलावा सामान्य वितरण में किसानों को उनकी मांग के अनुरूप बीज मिलता है। मिनी किट वितरण पिछले साल ही आनलाइन बुकिंग से शुरू हो गया था। इस बार सामान्य वितरण में भी आनलाइन बुकिंग शुरू कर दी गई है।
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क्या कहते हैं उप कृषि निदेशक?
उप कृषि निदेशक पवन कुमार ने बताया कि खरीफ-2026 के लिए उर्द, मूंग, अरहर, सावा, कोदो, रागी, शंकर बाजरा, ज्वार, तिल के बीज का आवंटन हो गया है। पहले आओ-पहले आओ की नीति से वितरण में कई बार हर जरूरतमंद किसानों तक बीज नहीं पहुंच पाते थे। इसलिए, शासन ने इसमें भी आनलाइन बुकिंग की व्यवस्था लागू कर दी है। विभाग के पोर्टल https://agriculture.up.gov.in पर बुकिंग शुरू हो गई है, जो 10 मई तक चलेगी। बुकिंग में किसान अधिक होने पर ई-लाटरी कराई जाएगी।