प्रयागराज में एक IAS व दो IPS समेत 19 अफसरों के टूटेंगे बंगले, 15 अगस्त तक खाली करना है; SRN अस्पताल का होगा उच्चीकरण
प्रयागराज में एसआरएन अस्पताल को उच्चीकृत करने के लिए एक IAS और दो IPS सहित 19 अधिकारियों के बंगले तोड़े जाएंगे। इन 50 साल पुराने आवासों को 15 अगस्त तक ...और पढ़ें

एसआरएन अस्पताल, प्रयागराज।
HighLights
सीडीओ, डीसीपी, उच्च शिक्षा निदेशक, यूपी बोर्ड के सचिव के आवास भी टूटेंगे
एसआरएन अस्पताल को पीजीआइ की तरह उच्चीकृत करने को कार्यवाही शुरू
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मंडल स्तरीय स्वरूपरानी नेहरू (SRN) चिकित्सालय को एसजीपीजीआइ लखनऊ की तरह उच्चीकरण करने के लिए कवायद तेज हो गई है। इसके लिए सीडीओ तथा दो डीसीपी सहित 19 जिला, मंडल व प्रदेश स्तर के अधिकारियों के आवास तोड़े जाएंगे। ये सभी आवास लगभग 50 वर्ष पुराने हैं।
बंगलों को 15 अगस्त तक खाली करने की नोटिस
ये बंगले महात्मा गांधी मार्ग तथा अंदर के रास्ते पर हैं। बंगलों की लगभग 50 हजार वर्गमीटर जमीन को डीएम मनीष कुमार वर्मा ने पिछले दिनों मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के नाम कर दी थी। सभी बंगलों को 15 अगस्त तक खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है।
इन अधिकारियों के तोड़े जाएंगे बंगले
सीडीओ हर्षिका सिंह, डीएसपी कुलदीप सिंह गुनावत, पुलिस उपायुक्त विवेक चंद्र यादव, उच्च शिक्षा निदेशक उप्र डॉ. वृंदावन लाल शर्मा, अपर शिक्षा निदेशक उप्र सुरेंद्र कुमार तिवारी, यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह, सहायक शिक्षा निदेशक एलबी मौर्य, जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी सुशील कुमार सिंह, राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी के पुस्तकालय अध्यक्ष गोपाल मोहन शुक्ल, चिकित्साधिकारी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रामचंद्र, ईएनटी सर्जन डॉ. नवीन कुमार वर्मा, तहसीलदार अनिल कुमार पाठक के बंगले तोड़े जाएंगे।
सीडीओ आदि को दूसरी जगह दिया गया बंगला
सीडीओ को सीएमओ आवास के पास पार्क कॉलोनी में बंगला दिया गया है, जबकि दोनों डीसीपी कुलदीप सिंह को शंकरघाट कॉलोनी तेलियरगंज में आवास मिला है। तहसीलदार अनिल पाठक को म्योर रोड कालोनी में आवास दिया गया है। बाकी अधिकारियों को स्वयं आवास लेकर रहना होगा।
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राजकीय महिला शारीरिक शिक्षण विद्यालय होगा शिफ्ट
राजकीय महिला शारीरिक शिक्षण विद्यालय को भी शिफ्ट किया जाएगा। यह विद्यालय एसआरएन अस्पताल के उच्चीकरण की सीमा में है। इसमें कुछ कमरों में कब्जा है तथा टीन शेड लगाकर कई लोगों ने कब्जा किया है। कब्जेदारों को नोटिस भेजकर खाली करने को कहा गया है।