प्रयागराज में एयरो सिटी की मंजूरी के पहले जमीन का सर्किल रेट कम, भूमि अधिग्रहण में नुकसान पर किसानों ने उठाए सवाल
प्रयागराज में एयरो सिटी की मंजूरी से पहले जमीन का सर्किल रेट 5300 से घटाकर 2000 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया, जिससे किसानों ने भूमि अधिग्रहण में ...और पढ़ें

प्रयागराज के शहर पश्चिमी में एयरो सिटी प्रोजेक्ट में जमीन के रेट में कटौती से किसान चिंतित।
HighLights
अकृषक से कृषक भूमि करते हुए 5300 से 2000 रुपये प्रति वर्ग मीटर किया सर्किल रेट
रेट कम होते ही जमीन की खरीद-फरोख्त हुई तेज, डीएम ने एआइजी से तलब की रिपोर्ट
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर पश्चिमी क्षेत्र में एयरो सिटी की मंजूरी के पहले जमीन का सर्किल रेट कम कर दिया गया। अकृषक भूमि को कृषक का दर्जा देते हुए 5300 से घटाकर 2000 रुपये प्रति वर्ग मीटर सर्किल रेट कर दिया गया, जिससे किसानों की जमीन की कीमत कम हो गई। किसानों ने इस फैसले पर कई सवाल उठाए हैं।
इन तहसील क्षेत्रों के गांवों में भी जमीन के रेट कम
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने एआइजी स्टांप से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। निबंधन विभाग की ओर से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इसमें यह भी जोड़ा जा रहा है कि प्रस्तावित एयरो सिटी के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि सोरांव, फूलपुर और करछना के भी कई गांवों को अकृषक से कृषक भूमि का दर्जा दिया गया है। यहां भी सर्किल रेट कम किया गया है।
पीडीए एयरपोर्ट रोड पर एयरो सिटी करेगा विकसित
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की एयरपोर्ट रोड (झलवा क्षेत्र) के पास लगभग लगभग 100 एकड़ में अत्याधुनिक 'एयरो सिटी' टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इस टाउनशिप में आधुनिक आवासीय और व्यावसायिक प्लाट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। भविष्य में इस टाउनशिप को 500 एकड़ तक विस्तार देने की योजना है।
किसानों ने उठाए सवाल
बताते हैं कि पिछले वर्ष दिसंबर के अंत में एयरो सिटी की मंजूरी मिली थी, जिसके ठीक पहले 15 दिसंबर 2025 को नया सर्किल रेट लागू किया गया था। किसानों ने सवाल उठाए हैं कि जिले भर में 15 से 20 प्रतिशत सर्किल रेट बढ़ाया गया है जबकि असरावे कला, पीपल गांव, बिसौना, शाह, सराय गढ़ी आदि क्षेत्रों में सर्किल रेट घटा दिया गया। वह थोड़ा बहुत नहीं बल्कि लगभग ढाई गुना कीमत कर दी गई। इससे किसानों की जमीन की कीमत घट गई।
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किसानों ने कहा- जमीन अधिग्रहण में होगा नुकसान
किसानों ने सवाल उठाया है कि रेट घटने से क्या उनके साथ अन्याय नहीं हुआ है, जमीन अधिग्रहण में उनका नुकसान नहीं होगा। यह भी सवाल किया कि रेट कम होने पर क्या भूमाफिया ज्यादा जमीन नहीं खरीद लेंगे और फिर पीडीए को ज्यादा दाम पर बेच देंगे।
निबंधन विभाग क्या तर्क दे रहा?
वहीं निबंधन विभाग का कहना है कि वर्ष 2022 में यहां की भूमि को त्रुटिवश अकृषक घोषित कर दिया गया था, जबकि यहां खेती योग्य जमीन है। इसके बाद सत्यापन कराने पर भूमि को कृषक घोषित करते हुए सर्किल रेट कम कर दिया गया। अकृषक जमीन का सर्किल रेट ज्यादा होने से खरीद-फरोख्त प्रभावित हो गई थी। उस समय 75 लाख रुपये के ही बैनामे हुए थे जबकि सर्किल रेट बढ़ने पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रजिस्ट्री हुई।
एआइजी स्टांप ने दी दलील
एआइजी स्टांप राकेश चंद्रा का कहना है कि जहां खेती हो रही है, वहां कृषक भूमि तो दर्ज ही होगी। त्रुटिवश पूर्व में इसे अकृषक घोषित कर ज्यादा सर्किल रेट लागू कर दिया गया था, जिससे जमीन का सौदा प्रभावित हो गया था। रेट कम करते ही जमीन की खरीद-फरोख्त तेज हो गई।