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    उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड अभियान की सुस्त रफ्तार, प्रयागराज में लक्ष्य अधूरा

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 02 Aug 2026 12:36 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों के लिए गोल्डन कार्ड अभियान की रफ्तार धीमी है, जिसमें प्रयागराज में केवल 20% प्रगति हुई है। मीरजापुर 51% प्रगति के साथ सबसे ...और पढ़ें

    UP में बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड अभियान चल रहा है, बाराबंकी फिसड्डी व प्रयागराज में प्रगति काफी धीमी है।

    UP में बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड अभियान चल रहा है, बाराबंकी फिसड्डी व प्रयागराज में प्रगति काफी धीमी है।

    HighLights

    1. UP में बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड अभियान में सरकारी तंत्र बेपरवाह

    2. बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड बनाने में मीरजापुर जिला सबसे आगे

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। बुजुर्ग अवस्था में आकर कभी बीमारी घेरे तो उपचार की दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार 70 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोगों का गोल्डन कार्ड बनवा रही है। इसके लिए शासन स्तर से अभियान चलाया जा रहा है।

    51% प्रगति के साथ मीरजापुर अव्वल 

    हालांकि यूपी के कई जनपदों में सरकारी तंत्र की इसमें दिलचस्पी नजर नहीं आ रही है। 51 प्रतिशत प्रगति के साथ मीरजापुर प्रदेश के 75 जनपदों में सबसे आगे है तो 16 प्रतिशत प्रगति के साथ बाराबंकी सबसे फिसड्डी है। संगम नगरी में भी यह अभियान रेंग रहा है।

    गोल्डन कार्ड बनाने में जिलों की स्थिति

    स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 14 मई को बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान शुरू हुआ था। इस अभियान में मीरजापुर में स्थिति बेहतर है। यहां 29,456 वृद्धजनों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया था। इसमें से 14,892 वृद्धजनों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। सबसे पीछे चल रहे बाराबंकी जिले में 79813 बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। अभी तक यहां स्वास्थ्य विभाग महज 11419 लाभार्थियों तक योजना को पहुंचा पाया है।

    प्रयागराज में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति महज 20%

    प्रयागराज को 90,327 बुजुर्गों का गोल्डन बनाने का लक्ष्य दिया गया था। जबकि, अभी तक यहां 20,050 बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड बने हैं। लक्ष्य के सापेक्ष यह प्रगति महज 20 प्रतिशत है। प्रयागराज मंडल के दूसरे जिलों की बात करें तो संगम नगरी की अपेक्षा कौशांबी की प्रगति कुछ ठीक है। 7,414 के सापेक्ष 3,486 बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड महकमा बना चुका है, जो लक्ष्य का 47 प्रतिशत है।

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    प्रतापगढ़ में 23 प्रतिशत गोल्डन कार्ड बने

    फतेहपुर में 44,955 के सापेक्ष 10,506 और प्रतापगढ़ में 88,575 के सापेक्ष 17,374 बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड बन सके हैं। प्रतापगढ़ की प्रगति 16 तो फतेहपुर की 23 प्रतिशत पहुंची है। यह अभियान 14 अगस्त तक चलना है।

    मिशन मोड पर चलेगा अभियान

    बीते दिनों शासन स्तर पर हुई समीक्षा के बाद योजना के स्टेट हेल्थ एजेंसी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अर्चना वर्मा ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें ब्लाक स्तर पर अभियान चलाने के लिए कहा है। इसमें खंड विकास अधिकारियों के साथ ग्राम विकास अधिकारियों व ग्राम पंचायत अधिकारियों को भी लगाने के लिए कहा गया है। इन्हें अधिक से अधिक पात्र बुजुर्गों को जागरूक करके ऑनलाइन आवेदन कराने के लिए कहा है।

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