स्कूल के बाहर बच्चे घूमते मिले तो गुरुजी पर होगी कार्रवाई, प्रयागराज के BSA ने मातहतों को दिया सख्त निर्देश
प्रयागराज के बीएसए ने शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि स्कूल समय में बच्चे बाहर घूमते मिले तो कार्रवाई ...और पढ़ें

प्रयागराज के बीएसए ने शिक्षकों को निर्देशित किया है कि बच्चे स्कूल के समय बाहर घूमते न मिलें।
HighLights
अपराह्न 2:30 बजे के बाद एक घंटे शिक्षक अभिभावकों से करेंगे गृह संपर्क
नियमित कक्षाओं के बाद कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं चलानी होगी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जगह जगह स्कूलों के नकारात्मक वीडियो प्रसारित होने पर विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मंडलीय प्रशासनिक अधिकारी भी समूची व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं। चीजों को पटरी पर रखने के लिए मंडलायुक्त ने एक दिन पूर्व बीएसए, बीईओ के साथ बैठक की। सभी जगह की आवश्यकताओं के बारे में जाना और जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। स्कूल के बाहर बच्चे घूमते मिले तो संबंधित स्कूल के शिक्षकों पर कार्रवाई होगी।
बीएसए अनिल कुमार ने खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रत्येक विद्यालय के शिक्षकों के लिए संदेश प्रसारित किया है कि किसी विद्यालय के बच्चे स्कूल के समय बाहर घूमते न मिलें। नियमित कक्षाएं समय सारिणी के अनुसार संचालित हों। अध्यापक भी अनुपस्थित न रहें। जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे, उन्हें चिह्नित करें। प्रतिदिन 2:30 बजे के बाद एक घंटा सभी शिक्षक अभिभावकों से संपर्क करें और बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए आग्रह करें।
बीएसए का निर्देश है कि किसी विद्यालय में छात्र उपस्थिति 80 प्रतिशत से कम न हो। खेल गतिविधियों को भी स्कूलों में नियमित कराया जाए। यह भी हिदायत दी गई कि यदि कोई बड़ा प्रोजेक्ट कहीं चल रहा हो तो उसमें कार्य करने वाले मजदूर परिवार के बच्चों का निकट के विद्यालय में पंजीयन करा दिया जाए। विद्यालय में रील बनाने वालों पर भी सख्ती की जाएगी।
आपरेशन शारदा के तहत उन बच्चों को चिह्नित किया जाएगा जो स्कूल नहीं आ रहे थे। उनके पंजीयन के बाद उपचारात्मक कक्षाएं भी अनिवार्य रूप से शिक्षकों को चलानी है। खंड शिक्षा अधिकारी निरीक्षण के समय बच्चों के साथ बैठकर एमडीएम जरूर चखेंगे। शिक्षक अभिभावक बैठक में भी शामिल होना अनिवार्य किया गया है।
दिव्यांक छात्रों के लिए मेडिकल असेसमेंट कैंप लगाकर सहायक उपकरण दिलाने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। आपरेशन कायाकल्प के तहत सभी 19 मानकों को सितंबर के अंत तक पूरा करना है। निरीक्षण के समय विभागीय अधिकारी बच्चों से गणित के प्रश्न जरूर पूछें। स्कूल के बरामदे में विद्यार्थियों के लिए शीशा, नेल कटर, कंघी, हैंडवाश आदि उपलब्ध कराने की हिदायत दी गई है।
